प्रत्यक्षाभास!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यक्षाभास- pratyaksabhasa Fallacious direct perception प्रत्यक्ष ज्ञान को अविषद स्वीकार करना।
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[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यक् दर्शन : == सम्मद्दंसणलंभो वरं खु तेलोक्कलंभादो। —भगवती आराधना : ७४२ सम्यक् दर्शन की प्राप्ति तीन लोक के ऐश्वर्य से भी श्रेष्ठ है। यथार्थतत्त्व श्रद्धा सम्यक्त्वम्। —जैन सिद्धान्त दीपिका : ५-३ जीवादि तत्त्वों की यथार्थश्रद्धा (सम्यक्—विचार) करना सम्यक् दर्शन है। दर्शनभ्रष्टा: भ्रष्टा:, दर्शनभ्रष्टस्य नास्ति निर्वाणम्। सिध्यन्ति चरितभ्रष्टा:,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिंद्र – pratimdra Title for the secondary indras मुख्य इन्द्र के पश्चात् द्वितीय श्रेणी के इन्द्र।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाब्धिसम्पन्न ऋषि – सम्यग्दर्षन प्राप्ति का एक निमित लब्धिसम्पन्न ऋशियो का दर्षन। Labdhisampanna Rsi-Super saints, visiting of whom is a cause of right faith
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्य – Brahma. A ruling demigod of Lord Pushpdant, The all pervading spirit of the universe, The supreme soul. तिलोयपण्णति के अनुसार पुष्पदंत भगवान का शासक यक्ष , कहीं इनका नाम अजितदेव भी आता है ” शब्द; समस्त वस्तुओं को प्रकाश करने वाला और स्यात् पद से चिहिृत शब्द ब्रह्म है ,…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्तिक – Svastika. Name of Diggajendra mountain in Bhadrashal forest situated in Videh Kshetra (region). Name of summits situated at Vidyutprabh Gajdant & Ruchak mountains, name of a governing deity of maniprabh summit of Kundal mountain. विदेह क्षेत्र मे स्थित भद्रषाल मे एक दिग्गजेन्द्र पर्वत, विद्युत्प्रभ गजदत्तस्थ व रुचक पर्वतस्थ एक-एक कूट, कुण्डल पर्वतस्थ…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योनिमती मनुष्यनी – भाव से स्त्री वेद एव द्रव्य से पुरूश या स्त्री या नपुंसक वेद से संयुक्त मनुश्य, मनुश्यनी योतिमती मनुश्यनी कहते है। Yonimati Manusyani-Those human beings who are female according to Bhav ved But who might be male, female or hermaphrodite according to Dravya ved
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धर्म : == धम्मो वत्थुसहावो। —कर्तिकेयानुप्रेक्षा : ४७८ वस्तु का अपना स्वभाव ही उसका धर्म है। धर्मो बंधुश्च मित्रञ्च धर्मोऽयं गुरुरंगिनाम्। तस्माद् धर्मे मिंत धत्स्व स्वर्गमोक्षसुखदायिनि।। —आदिपुराण : १०-१०९ धर्म ही मनुष्य का सच्चा बंधु है, मित्र है और गुरु है। इसलिए स्वर्ग एवं मोक्ष के सुख देने…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्णमयी – Svarnamayii. The 7th circumference of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत की सातवीं परिधि जो सुवर्णमयी है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेवती – एक नक्षत्र, रानी जो सम्यदर्षन के अमूढदृश्टि में प्रसन्न हुई। Revati-Name of a lunar, name of a queen ( on the right path of religion)