भावना लीनता!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावना लीनता – Bhavana Linata. Deep engrossment in meditation for supreme bliss. अपने अंतरंग में लीन रहना जिससे परम सुख की प्राप्ति होती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावना लीनता – Bhavana Linata. Deep engrossment in meditation for supreme bliss. अपने अंतरंग में लीन रहना जिससे परम सुख की प्राप्ति होती है “
गुणसेन A disciple of Acharya Veersen Swami. आचार्य वीरसेन स्वामी के शिष्य (ई. १०७३)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंगल – सनत्कुमार स्वर्ग का 5 वां पटल या इन्द्रक, बलभद्र राम का एक हल रत्न। Lamgala-The 5th patal (Layer) of Sanat Kumar heaven, Name of a plough-a jewel of Lord Ram
खंडदेव Medium attenuation, a part of krashti (gradual destruction of passions). पूर्व मीमांसा दर्शन के एक प्रवर्तक जिन्होंने ‘भाट्टपीदिका’ आदि ग्रंथों की रचना की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्ति–Muurti. Lord idol, An Image. स्थापना निक्षेप से किसी का स्वरुप समझने के लिए उसकी तदाकार मूर्ति बनाना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल परमात्मा – Sakala Parmaatmaa. The supreme soul with body (devoid of all Karmas). घातिया कर्मों से रहित परमौदारिक शरीर में स्थित अर्हन्त परमात्मा
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धेशभवनव्याख्यान – Buddhesabhavanavyakhyana. Name of a treatise written by Acharya Vidynandi. आचार्य विधानदिं (ई. ७७५ -८४० ) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्पात्र – Satpaatra. Reverential persons (perfect to get donation). जिनको दान दिया जाता है, ऐसे सत्पात्र, कुपात्र, अपात्र रूप तीन पात्रों में से एक ” सत्पात्र के तीन भेद हैं- 1. उत्तम सत्पात्र- नग्न दिगम्बर साधु, 2. मध्यम सत्पात्र- आर्यिका, क्षुल्लक, ऐलक तथा प्रतिमाधारी श्रावक, 3. जघन्य सत्पात्र- व्रत रहित सम्यग्दृष्टि श्रावक “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिमा स्थान – Pratimaa Sthaana. Different kinds of austerities related to particular places. कायक्लेश तप; आतापनयोग, वृक्ष मूल में निवास, निवारण शयन आदि नाना प्रकार के कायक्लेश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिभूत – Pratibhoota. A type of peripatetic deities. भूत जाति के वयन्तर देवों का एक भेद “