भैक्ष्यशुद्धि!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैक्ष्यशुद्धि:Purity in procedural food taking. अचौर्य व्रत की एक भावना; शास्त्त्रोक्त विधि से शुद्ध भोजन ग्रहण करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैक्ष्यशुद्धि:Purity in procedural food taking. अचौर्य व्रत की एक भावना; शास्त्त्रोक्त विधि से शुद्ध भोजन ग्रहण करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभंगा – Vibhamga. A particular classification of 12 rivers in the east & west videh Kshetras (regions). पूर्व व अपर विदेहों में स्थित १२ नदियां “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबोध – Pratibodha. Awaking knowledge; discernment, vigil. जागरण, जानकारी या ज्ञान, सम्यग्दर्शन-ज्ञान, व्रत और शील गुणों को उज्जवल करने, मॉल को धोने अथवा जलाने का नाम प्रतिबोध है “
द्वितीयगुण Second stage of virtues. भाग जघन्य गुण में अविभाग प्रतिच्छेद की वृद्धि होने पर गुण की द्धितीयादि अवस्था विशेषों को द्वितीय गुण आदि संज्ञा होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषाद्वैत – Purusadvaita. Monotheist. एक ही महात्मा है वह सर्व व्यापक है वह सब ब्रम्ह का स्वरूप है ऐसा मानने वाले “
द्वादशी व्रत Twelve Jaina vows for twelve years. 12 वर्ष तक प्रति वर्ष भाद्रपद शु. 12 को उपवास करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पतिघात – Pratighaata. Counterblow, Reaction, Obstrution. एक मूर्तिक पदार्थ का दूसरे मूर्तिक पदार्थ के द्वारा व्याघात होना ” प्रतिकार, प्रतिषेध, बाधित होना “
आलोक Light, Whole world, Vision. प्रकाश, लोकपर्यंत, आलोक का दर्शन भी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतर – Pratara. Area or (particular unit)2. एक-एक आकाश प्रदेशात्मक पंक्ति के वर्ग को प्रतर कहते है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैयावृर्त्ति –Vaiyavrtti Pious service to the saints. साधूसुश्रूषा, सेवा, उपचार, गुरु के अनुकूल परवर्ती करना “