जनसंसर्ग!
जनसंसर्ग Communication and public relation. लौकिकजनों की संगति ; साधुओं के संयम भाव में कमी आने से इसका निषेध किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जनसंसर्ग Communication and public relation. लौकिकजनों की संगति ; साधुओं के संयम भाव में कमी आने से इसका निषेध किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वोपलब्धि Internally self developed knowledge. आत्मानुभव निज तत्वोपलब्धि के बिना सम्यक्तव की उपलब्धि नहीं होती । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगन्नाथ The writer of the book ‘Sukh Nidhan’. ‘सुख निधान’ के रचयिता (ई. १६४२-) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सशल्य मरण – Sashalya Marana. Death with passionate sting or passionate sting or passionful death. माया, मिथ्या, निदान इनमें से किसी भी शल्य सहित मरना ।
देव ऋद्धि Eight types of supernatural powers (attainments) of deities. देवों की 8 प्रकार की ऋद्धियाँ-अणिमा, महिमा , लघिमा, गरिमा, आदि जिनके निमित्त से वे नाना प्रकार के रूप आदि बनाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य युक्तासंख्यात A mathematical term (reg. numbers). जघन्य परितासंख्यात की दो बार वर्गित संवार्गित राशि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थाधिगम Knowledge of ascertained reals or truth. तत्वों के अथ्ज्र्ञ का ज्ञान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुर्गंधा A girl, having bad smelling body. दुर्गंन्धित शरीर प्राप्त एक कन्या, जिसे पूर्वभव में दिगम्बर मुनिराज को कडुवी तुमडी का आहार देने के पाप से यह दशा प्राप्त हुई थी । पुनः सुगंधदश्मी व्रत कथा में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य प्रोषधोपवास A type of fasting (related to Ashtami, Chaturdashi). अष्टमी , चतुदशी को एकासन अथवा आचाम्ल निर्विकृति आहार करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार विधान Name of a Vidhan-procedural worshipping composition. आर्यिका श्री अभयमती माताजी (ई.श.20 उत्तरार्द्ध) एंव अन्य लेखकों द्वारा रचित णमोकार मंत्र के 35 अक्षरों पर आधारित एक पूजा विधान। [[श्रेणी:शब्दकोष]]