पद्मरागमयी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मरागमयी: One of the six circumferences of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत की 6 परिधियों में एक परिधि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मरागमयी: One of the six circumferences of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत की 6 परिधियों में एक परिधि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधर्म्य – Saadharmya. Parallelism, Means showing some existence. धर्म, गुण आदि की समानता । साध्य के आधार में जिसकी वृत्तिता निष्चित हो उसको साधर्म्य कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनाभ: Past-birth name of Lord Chandraprabhu, Father’s name of Chakravarti, Harishen, Another name of Ramchandraji. पूर्व धातकीखं डमें मंगलावती देश के रत्नसंचय नामक नगर कमे राजा कनकप्रभ का पुत्र, जो कि समाधिपूर्वक वैजयन्त विमान में अहमिन्द्र हुआ यह चन्द्रप्रभु भगवान के पूर्व का दूसरा भव है जिसमें उन्होंने तीर्थकर प्रकृति का बंध किया था…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति परोदय – Prakrti Parodaya. Karmic nature which binds in the fruition of other Karmic nature. ऐसी कर्म प्रक्रतियां (११) जिनका पर के उदय में बंध होता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिशय केवली – Saatisaya Kevale. A type of omniscient one. तीर्थकर प्रकृति रहित, 25 अतिशयो (केवलज्ञान, 14 देवकृत, 1 वज्रवृषभनाराच संहन), 4 प्रातिहार्य (छत्र, सिंहासन, भामंडल, दिव्यध्वनि), गन्धकुटी व अनन्त चतुष्टष् सहित सातिशय केवली होते है। अर्थात् अतिशय युक्त केवली को सातिशय केवली कहते है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशस्कांत– Yashsankat. Name of a deity of a summit of Manushattar mountain. मनुषोत्तर पर्वत के एक कूट का देव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सात नय – Saata Naya. Seven particular kinds of standpoints. नैगम, संग्रह, व्यवहार, ऋजुसूत्र, शब्द, समभिरुढ़ और एवंभूत ये 7 नय है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदसमास: A part of scriptural knowledge (Shrutgyan). श्रुतज्ञान के 20 भेदो मे छठा भेद, इससे पूर्व समास पर्वत समस्त द्वादषांग श्रुत स्थित है।