तंत्रवार्तिक टीका!
तंत्रवार्तिक टीका Name of a book written by Someshvar Bhatta. मीमांसा दर्शन की कुमारिल भटट द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तंत्रवार्तिक टीका Name of a book written by Someshvar Bhatta. मीमांसा दर्शन की कुमारिल भटट द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शारीर –VaikriyikaSarira Transformable body (of deities, hellish beings & great saints). औदारिक आदि ५ शरीरो में दूसरा शरीर, विर्किया ही जिस शरीर का प्रयोजन है वह वैक्रियिक शरीर कहलाता है वैक्रियिक शरीर उपपाद जन्म से देव, नारकियों को व ॠध्दि से महानुनियो को प्राप्त होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वयज्ञ – Sarvayagya. Name of the 29th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 25 वें गणधर ।
दर्शनमोहनीय कर्म Right faith deluding Karmas. जिस कर्म के उदय से देवशास्त्र गुरू एवं तत्वों के प्रति अश्रद्धान का भाव होता हो , यह सम्यग्दर्शन का घात करती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
च्युति A falling, Perishing, Transmigration of deities. विमानवासी देवों की गति उत्तम है , इसलिए उनके मरण के किए च्युत शब्द का प्रयोग किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वतंत्र – Sarvatantra. Universally or generally accepted or approved Principles. सिद्धांत के 4 भेदोें में एक भेद; जो अर्थ सब शास्त्रों में अविरूद्धता से माना गया है उसे सर्वतंत्र सिद्धांत कहते है। अर्थात जिस बात को सर्वषास्त्रकार मानते है।
चेला-चेली A type of possession; male and female servants. १० प्रकार के परिग्रह में एक भेद; दस-दासी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पसम श्रोता – Sarpasama Shrotaa. A mean type of listener (who misuses the right preaching). अधम श्रोता का एक भेद। जैसे सांप को पिलाता हुआ दूध भी विष रूप् हो जाता हैं, वैसे ही जिनके सामने श्रेष्ठ उपदेश भी खराब असर करता है वे सर्प के समान श्रोता है।
त्रस चतुष्क A quartet (related to mobile beings-Trasa) of some Karmic nature. त्रस, बादर, प्रत्येक, पर्याप्त। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]