प्रतीघात!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतीघात- pratighata Obstruction hinderance प्रतिबन्ध या बाधा।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतीघात- pratighata Obstruction hinderance प्रतिबन्ध या बाधा।
धर्मश्रवण The act of listening to sacred books etc. धर्म शास्त्र आदि को सुनना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमिपाल – Bhumipala. Father’s name of the 17th Teerthankar (Jaina- Lord) situated in videh kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित १७ वें तीर्थकर वीरसेन’ के पिता का नाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्थान गुणकार – Svasthaana Gunakaara. Multiple results of karmas related to the span of Krishties. प्रत्येक संग्रहकृष्टि के अन्तर्गत प्रथम अंतरकृष्टि से अंतिम अंतरकृष्टि पर्यन्त अनुभाग अनंत-अनंतगुणा है परन्तु सर्व इस अनन्त गुणकार का प्रमाण समान है, इसे स्वस्थान गुणकार कहते है।
धर्मभूषण (भट्टारक) A Bhattarak who wrote ‘Parmeshthi Puja’, etc. many books. परमेष्ठीपूजा , रत्नत्रयोद्यापन आदि के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सिद्ध : == अष्टविधकर्मविकला:, निष्ठितकार्या: प्रनष्ट—संसारा:। दृष्टसकलार्थसारा:, सिद्धा सिद्धिं मम दिशन्तु।। —समणसुत्त : ८ अष्ट कर्मों से रहित, कृतकृत्य, जन्म—मृत्यु के चक्र से मुक्त तथा सकल तत्त्वार्थ के द्रष्टा सिद्ध मुझे सिद्धि प्रदान करें। सिद्धात्मा निर्विकल्पोऽप्रतिहतमहिमा शश्वदानन्दधाम। —ज्ञानार्णव : ३९-७९ सिद्ध परमात्मा समस्त विकल्पों से रहित, अबाधित महिमा…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्ण सुहागिनी – Svarna Suhaaginii. A special fortunate married woman, whose parents, in law, husband & son all are alive. She gets the golden chance to prepare Kalkachurna (liquefied powdered compound of sandal etc.) for Tilakdaan in Panchalyanak Pratishtha. एक विषेष सौभाग्यवती महिला, जिसके माता-पिता, सास ससुर, पति-पुत्र जीवित हो। इनके द्वारा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा…
धर्मचक्र Reverential wheel related to Samavasharan – assembly of Jaina Lord . तीर्थंकर जिनेन्द्र के समवशरण में विद्यमान देवोपनीत चक्र, हजार आरों वाले ये धर्म चक्र समवशरण की चारों दिशाओं में होते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैलराज – Shailaraaj. Another name of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत का अपरनाम”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वरुपासिद्व हेत्वाभस – Svaruupasiddha Hetvaabhaasa. A type of fallacy (eg. Considering existence of words only due to their visionary effect). शब्द परिणामी है, क्योकि यह आॅख से देखा जात है (यह सही हेतु न होकर गलत हेतु है)। यह अविद्यमान सत्ता वाला अर्थात् स्वरुपासिद्व हेत्वाभास हैं