तुषमाषभिन्नत्!
तुषमाषभिन्नत् Distinction between body and soul. छिलके और उड़द की तरह शरीर और आत्मा भी भिन्न है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तुषमाषभिन्नत् Distinction between body and soul. छिलके और उड़द की तरह शरीर और आत्मा भी भिन्न है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चलुलित दोष A fault pertaining to irregular singing of prayer. वंदना के ३२ दोषों में से एक ; पथ को पंचम स्वर में गाकर बोलना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तीन Three (three jewels of Jain philosophy etc.). एक संख्या , तीन लोक , तीन चैबीसी , रत्नत्रय (तीन रत्न), तीन अज्ञान इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारूकीर्ति An Acharya of Nandisangh. नंदिसंह के एक आचार्य का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तिर्यक् चतुष्टकय A quartet related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यचआयु, उद्योत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभवचनयोग – Shubha Vachanayoga. Auspicious saying or speech. सत्य, हित, मित, प्रिय वचन बोलना आदि शुभ वचन योग है “
तिर्यच जीव Animal and plants, beings other than human, celestial & infernal beings. मनुष्य, देव और नारकी जीवों को छोडकर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीव तिर्यंच जीव कहलाते हैं । मन वचन काय की कुटिलता को प्रापत , निकृष्ट अज्ञानी और जिनके अत्यधिक पाप की बहुल्ता पायी जाये , उसको तिर्यंच कहते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ तैजस शरीर – Shubha Taijasa Shareera. Auspicious lustrous body possessed by super saints. ऋद्धिधारी मुनियों के औदारिक शरीर से उत्पन्न होने वाला तेज़ और प्रभागुण से युक्त शरीर “
तालाब Pond, the 8th dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती के 16 स्वपनों में 8 वें स्वप्न, जिसमें मध्य भाग में सूखा तालाब देखा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ उपयोग – Shubha Upayoga. Auspicious and right conduct. दया, दान, पूजा, व्रत, शील आदि रुपराग और चित्त-प्रसाद रूप परिणाम होना शुभोपयोग है “