निश्चय धर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय धर्म – Nishchaya Dharma. Being engrossed in oneself. मुनि अवस्था में रागद्वेष को छोडकर निजात्मा में वास करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय धर्म – Nishchaya Dharma. Being engrossed in oneself. मुनि अवस्था में रागद्वेष को छोडकर निजात्मा में वास करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा:Tradition, Custom, Sequence.एक के बाद दूसरा, अविछिन्न, श्रृंखला ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव पाप – Bhava Papa. Subjective vices or sins. मन से होने वाले ५ पाप या पाप रूप परिणाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्मासन:A Posture of meditation, Specific sitting posture related to Yoga. ध्यान का आसन सीधे बैठकर बायां पैर दाहिनी जांघ पर व दाहिना पैर बांई जांघ पर रखकर बाएं हाथ की हथेली पर दाहिने हाथ की हथेली रखना ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात विहार-शुद्धिसंयत–Yathakhyat Vihar–Shuddhi Sanyat. Those at the 11th, 12th, 13th or 14th stages of spiritual development. 11, 12, 13, 14वे गुणस्थान में पाये जाने वाले जीव यथाख्यात विहार शुद्धि संयत कहलाते है” अथवा जो यथाख्यात चारित्र वाले होते हुए शुद्धि प्राप्त संयत है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक गणना –Laukika Gananaa A Type of worldly mathematical calculations. गणना प्रमाण के दो भेदों में एक भेद “
उपादान कारण Material cause, Affluent cause . जो पदार्थ स्वयं कार्य रूप परिणमन करे जैसे घट की उत्पत्ति में मिट्टी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्म (देव) – Brahma (dev). A type of Kalpavasi deities. कल्पवासी देवों का एक भेद, ५ वें स्वर्ग के देव “
उपादान Motive, Cause of existence of material . अन्तरंग कारण जो द्रव्य तीनों कालों में अपने रूप से और अपूर्वरूप से वर्त रहा है वह उपादान कारण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]