नृत्यगोष्ठी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यगोष्ठी – Nrityagoshthee. Recreation; To organise dance programme. प्राचीन मनोरंजन का एक प्रमुख साधन; उत्सवों पर नृत्य गोष्ठियाँ की जाती थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यगोष्ठी – Nrityagoshthee. Recreation; To organise dance programme. प्राचीन मनोरंजन का एक प्रमुख साधन; उत्सवों पर नृत्य गोष्ठियाँ की जाती थी “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतवन – Bhutavana. Name of a forest whers Shreepal announced himself to be Chakravarti (emperor). एक वन, जहाँ श्रीपाल ने ७ शिलाखण्डों को एक के ऊपर एक रखकर स्वयं चक्रवर्ती होने की सूचना दी थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील (नाम) – Neela (Naama). Name of the initiation-forest of lord Munisuvratnath a king of vanara dynasty. भगवान मुनिसुव्रतनाथ के दीक्षा वन का नाम, वानर वंश का एक राजा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवनंदि – Shivanandi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कारगण वारां (राजस्थान) की गद्दी के एक भट्टारक ” समय- वि. 1148 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीच – Neecha. People from low caste, low-caste group. निम्न, नीच गोत्र व नीच कुल आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन विवेक –Vachan Vivek : Wishful speaking ,Conscious speech. विवेक का एक भेद ;क्रोधादि कषाय उत्पन्न होने पर मैं मारूंगा इत्यादि वचन का प्रयोग न करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तपान संयोजना – Bhaktapana Samyojana. Mixing of edibles (reg. green veg. & sterilized material). अजीवाधिकरण का एक भेद; सचित और अचित खानपान को एक दूसरे में मिलाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (सत्प्रतिषेध) – Vachan (Satpratisedha).: Speech with negation of truth. असत्य वचन के 4 भेदों में प्रथम भेद; अस्तित्वरूप पदार्थ का निषेध करना ” जैसे – मनुष्यों की अकाल में मृत्यु नहीं हैं ऐसा कहना “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == चरित्त : == चारित्तं समभावो —पंचास्तिकाय : १०७ समभाव ही चारित्र है। असुहादो विणिवित्ती, सुहे पवित्ती य जाण चारित्तं। —द्रवसंग्रह : ४५ अशुभ से निवृत्ति और शुभ में प्रवृत्ति करना—इसे ही चारित्र समझना चाहिए। थोवम्मि सिक्खिदे जिणइ, बहुसुदं जो चरित्तसंपुण्णो। जो पुण चरित्तहीणो, िंक तस्स सुदेण बहुएण।। —मूलाचार : १०-६…