नेमिचंद्रिका!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचंद्रिका – Nemichandrikaa. A book written by Pandit Manranglal. पं. मनरंगलाल (ई.1800-1832) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचंद्रिका – Nemichandrikaa. A book written by Pandit Manranglal. पं. मनरंगलाल (ई.1800-1832) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीहार – Neehaara. Excreta (absence of it is an excellence of lard Arihant etc.), Heavy dew, Frost. मल-मूत्र त्याग (तीर्थंकरों के, उनके पिताओं के, बलदेवों के चक्रवर्ती के, अर्धचक्रवर्ती के, देवों के तथा भोगभूमिज के आहार होता है परन्तु नीहार नहीं होता है), ओस, कोहरा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निपिबद्ध – लिखा हुुआ द्रव्यश्रुत जो 64 अक्षरो एवं पदो के द्वारा लिखा जाता है। Lipibaddha-Something put in writing form
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र प्रकृति–Mishra Prakrati. Karmic nature causing both right & wrong devotion. सम्यक–मिथियात्वरूप श्रद्धान या भाव उत्पन्न करने वाला कर्म”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीतिवाक्यामृत – Neetivaakyaamrita. A book written by Aacharya Somdeva. आचार्य सोमदेव (ई. 943-968) द्वारा रचित एक ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवकुमार बेला व्रत – Shivakumaara Belaa Vrata. A particular type of vow (fasting). 7-8 व 13-14 तिथि का बेला तथा 9-15 का पारणा ” इस प्रकार प्रतिमास 4 बेला व 4 पारणाएवं नमस्कार मंत्र का त्रिकाल जाप्य करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निस्तरण – Nistarana. To be with right perception-knowledge & conduct stricktly upto the ultimate time of death. सम्यग्दर्शन-ज्ञान-चरित्र का आमरण निर्दोष पालन करते हुए परीषह तथा उपसर्गों के उपस्थित रहने पर भी उनसे चलायमान होकर सम्यग्दर्शनादिको मरणांततक पहुँचा देने को निस्तरण कहते हैं, जिसमें वें अन्य भाव से भी अपने साथ आ सके “