गुणव्रत!
गुणव्रत Vows which increase virtues. गुणों को बढाने वाले तथा अणुव्रतों का उपकार करने वाले व्रत , दिग्व्रत , देशव्रत , अनर्थदण्डव्रत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणव्रत Vows which increase virtues. गुणों को बढाने वाले तथा अणुव्रतों का उपकार करने वाले व्रत , दिग्व्रत , देशव्रत , अनर्थदण्डव्रत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघरथ– Meghrath. Past birth name of Lord Shantinath. पुष्कलावती देश में पुण्डरीकिणी नगरी के राजा घनरथ का पुत्र जो शांतिनाथ भगवान् के पूर्व का दूसरा भाव है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोबाहु – आदिनाथ भगवान के 84 गणधरो में एक गणधर का नाम, आचार्य यषोभद्र के षिश्य, इनका अपरनाम आचार्य भद्रबाहु द्वितीय था। यं 8 अंगधारी थे तथा लोहाचार्य – 2 के गुरू थे। समय – वी नि 515 – 565 Yasobahu-Name of a chief disciple of lord Adinath, Also the name of the disciple…
गति-अगति(सामान्य) Probability of getting any body form (Gati) by transmigration. किस स्थान से नारकर किस गति में जीव उत्पन्न हो सकता है और किसमें नहीं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वदिशा – Poorvadishaa. East-direction (for conducting relegious observances etc. all auspicious deeds). एक शुभ दिशा, सूर्योदय वाली दिशा, पूएव दिशा में मुख करके कृतिकर्म सामायिक आदि करना चाहिए “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युक्ति – पदार्थो को सिद्ध करने के लिए प्रयुक्त हेतू अथवा साधन। Yukti-Device, Stratagem
गंगास्नान To take bath in the ganga river. गंगा नदी में जाकर स्नान करना । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुमिनाश – Bhuminasha. Destruction of whole earth (before 49 days at the end of pancham kal. पंचम काल के अंत में ४९ दिन तक कुवृष्टियां होने से भूमि जलकर नष्ट हो जाति है इसे भुमिनाश कहते हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == त्याग : == ण हि णिरवेक्खो चागो, ण हवदि भिक्खुस्स आसयविसुदी। अविसुद्धस्स हि चित्ते, कहं णु कम्मक्खओ होदि।। —प्रवचनसार : ३-२० जब तक निरपेक्ष त्याग नहीं होता है, तब तक साधक की चित्तशुद्धि नहीं होती है और जब तक चित्तशुद्धि (उपयोग की निर्मलता) नहीं होती है, तब तक…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाश – Prakasha. illamination, Light. Brilliance, Lustre. उजाला – सूर्य, चंद्रमा, विधुत, ज्ञान इत्यादि का प्रकाश “