स्वेच्छारी!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेच्छारी – Svecchaacaarii. One free from any restraints, willful, wayward. अपनी इच्छा से आचरण करने वाला।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेच्छारी – Svecchaacaarii. One free from any restraints, willful, wayward. अपनी इच्छा से आचरण करने वाला।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परजुगुप्सा कथा:Contemptuous talk.दूसरों के प्रति ग्लानि व अरूचि उत्पन्न कराने वाली कथा ।
धृतव्यास A king of Kuru dynasty. कुरूवंशी राजा शान्तनु का पुत्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक आनंद – Svaabhaavika Aanamda. Supreme natural bliss, supreme pleasure. निश्चत मोक्षमार्ग के अनेक नामो मे एक नाम, समस्त विकल्पो से रहित परम समाधि से उत्पन्न होने वाला सुख।
धूपघट Aromatic & lustrous pots kept in Samavasharan – holy assembly of Lord. समवशरण की नाट्यशालाओं के आगे वीथियों के दोनों ओर धूपधूम्र से युक्त पात्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साक्षर शब्द – Sakshara Sabda. Syllabary language. मनुष्यों की भाषा साक्षरी तथा पशु-पक्षियो की निरक्षरी होती है।
धान्यरस Rice water, cereals juice etc. गेहूँ, सोयाबीन आदि का दूध एंव चावल का माँड आदि को धान्यरस कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांतर बंधी प्रकृति – Saantara Bandhee Prakrti. A karmic nature with having property of its anhihilation (to put out of existence of one Gati for another). जिस कर्म प्रकृति का काल के क्षय से बन्ध व्युच्छेद संभव है वह सांतरबंधी प्रकृति है। अर्थात् जहां किसी समय देवगति का बंध हो और किसी समय अन्य…
धर्मोपदेशपीयूषवर्षा श्रावकाचार Name of a book. ई. सन् 1518-28 में रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मसेन Name of a great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas, Name of a Bhattarak. एक आचार्य ; 11 अंग 10 पूर्व के ज्ञाता 11 महामुनियों में 11 वें मुनि, भट्टारक; सप्त व्यसन चरित्र के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]