उच्चपद!
उच्चपद The supreme place i.e. place of salvation. उच्च स्थान मोक्ष ही उच्च पद है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उच्चपद The supreme place i.e. place of salvation. उच्च स्थान मोक्ष ही उच्च पद है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विसंयोजन –Visamyojana. Transition of higher passions into lower passion-ate form. संक्रमण, अनंतानुबंधी कषाय के द्रव्य को अप्रत्याख्यानादि अन्य कषाय रूप परिणमा देना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच भिक्षावृत्ति – Pancha Bhikshaavritti. Five types of food taking conducts of Jaina saints. गोचरी, अक्षमृक्षण, उदराग्नि शमन, गर्तपूरण, भ्रामरी वृत्ति- दिगम्बर जैन साधुओंकी आहारचर्या के यें पांच नाम है”
ईहावरणीय कर्म An obscurring karma of keen desire or curiosity. जिज्ञासा एंव इच्छाओं को रोकने वाला कर्म जिसके तीव्र क्षयोपशम से पदानुसारी बुद्धि प्राप्त होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वन्हि – Vanhi.: Fire,A special type of heavenly deities (Laukantik). अग्नि ,ब्रह्मलोक निवासी लौकांतिक देवों का भेद “
उपेक्षणीय What is to be ignored, negligible . उपेक्षा करने योग्य वस्तु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरोप Allegation, Accusation, Blame. दोष लगाना अध्यारोपण एक वस्तु के गुणों को दूसरी वस्तु में आरोपित करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सोमवंश – Somavansha. Another name of Chandravansh ( a dynasty) initiated from theson of Lord Bahubali. चन्द्रवंश । देखें – सोमयश । सोमवंश को ऋषिवंश भी कहते है।
उष्ण परीषह Heat thermal affliction . 22 परीषह में एक परीषह, ग्रीष्मकाल में उपवास आदि के कारण उत्पन्न दाह से पीडि़त होने पर प्रतिकार के बिना समतापूर्वक सहन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्लिभूमि – Vallibhoomi. The third land of Samavsharan (assembly of Lord). समवशरण की तीसरी भूमि ;अपरनाम लताभूमि ,यह अनेकों क्रीड़ा पर्वतों व वापिकाओं आगि शोभित है “