ब्रह्मचर्य तप ऋध्दि!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्य तप ऋध्दि – Brahmacarya Tapa Rddhi. A type of supernatural power (pertaining to celi- bacy). एक ऋध्दि; इस ऋध्दिधारी मुनिध्वरों के प्रभाव से ईति, भीती, युद्ध , दुर्भिक्षादि शांत हो जाते हैं”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्य तप ऋध्दि – Brahmacarya Tapa Rddhi. A type of supernatural power (pertaining to celi- bacy). एक ऋध्दि; इस ऋध्दिधारी मुनिध्वरों के प्रभाव से ईति, भीती, युद्ध , दुर्भिक्षादि शांत हो जाते हैं”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचेन्द्रिय जाति नाम कर्म – Panchendriya Jaati Naama karma. A karmic nature causing five sensed beings. जिस नाम कर्म के उदय जीव पंचेन्द्रिय होता है “
तात्पर्यवृत्ति Name of commetary books; written by Acharya Abhaynandi & Acharya Jaisen separately. आचार्य अभयनन्दि (ई. 930-950) द्वारा रचित तत्वार्थ सूत्र की टीका का नाम , आर्चार्य जयसेन (ई.श. 11-12) वृत्त समयसार , प्रवचनसार , व पंचास्तिकाय की टीकाएँ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघमालिनी–Meghamalini. A ruling female divinity of Himkut (a summit) of Nandan forest. नन्दनवन के हिमकूट की स्वामिनी दिक्कुमारी देवी”
तप्त ऋद्धि Heated, hot. जिस ऋद्धि से खाया हुआ अन्न धातुओं सहित क्षीण हो जाता है अर्थात् मल- मूत्रादि रूप परिणमन नहीं होता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाणिज्य कर्मार्य – Vaanijya Karmaarya.: Those having livelihood by trade of grains, gold etc. सावद्य कर्मार्य के 6 भेदों में एक 1 भेद ;जो अन्न ,वस्त्र ,सोना ,चांदी आदि के द्वारा आजीविका करते हैं “
एकत्वप्रत्यभिज्ञान Unitary recognition. स्मृति और प्रत्यक्ष के विशयभूत पदार्थ में एकता दिखाते हुए जोड़रूप ज्ञान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचा उपकरण विवेक – Vaachaa Upakarana Vivek. Discrimination related to right speech. विवेक का एक भेद ,मैने इन ज्ञानोपकरणादि का त्याग किया ऐसा वचन बोलना “
तप गुरू A prime ascetic (guru) having special virtue in austerity. गुण में प्रधान गुरू । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]