भुज्यमान आयु!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुज्यमान आयु – Bhujyamana Ayu. Present age. वर्तमान में जिस आयु को भोगा जा रहा है वह भुज्यमान आयु है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुज्यमान आयु – Bhujyamana Ayu. Present age. वर्तमान में जिस आयु को भोगा जा रहा है वह भुज्यमान आयु है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवकुमार बेला व्रत – Shivakumaara Belaa Vrata. A particular type of vow (fasting). 7-8 व 13-14 तिथि का बेला तथा 9-15 का पारणा ” इस प्रकार प्रतिमास 4 बेला व 4 पारणाएवं नमस्कार मंत्र का त्रिकाल जाप्य करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निस्तरण – Nistarana. To be with right perception-knowledge & conduct stricktly upto the ultimate time of death. सम्यग्दर्शन-ज्ञान-चरित्र का आमरण निर्दोष पालन करते हुए परीषह तथा उपसर्गों के उपस्थित रहने पर भी उनसे चलायमान होकर सम्यग्दर्शनादिको मरणांततक पहुँचा देने को निस्तरण कहते हैं, जिसमें वें अन्य भाव से भी अपने साथ आ सके “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावस्वाध्याय – Bhavasvadhyaya. Rethinking of spiritual contents. स्वाध्याय के द्वारा शुध्द आत्मा को अनुभव में लाना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भंग – Bhamga. Division, Alternation, A system of alternative ex-position. खण्ड, अंश; भेद ” एक संख्या रूप प्रकृतियों में प्रकृतियों का बदलनां ” स्याद्वाद शैली के अनुसार प्रत्येक पदार्थ विरोधी अनेक धर्मयुगलों का पिंड भंग है ” प्रत्येक धर्म का वर्णन उसके प्रतिपक्षी धर्म की अपेक्षा से अस्ति (विधि) नास्ति (निषेध) और…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदिशा – Vidisha. Subdirections, quarter parts of the four direc- tions. चारों दिशाओं के अतिरिक्त प्रत्येक दो दिशाओं के मध्य स्थित दिशाएँ – ईशान, आग्रेय, नैऋत्य, वायव्य, ये ४ विदिशाएं कहलाती हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (अनृत) – Vachan (Anrta).: False speech or words. असत्य वचन ; मर्मछेदी, कलहकारी, हास्य, भय , लोभ, क्रोध, द्वेष आदि को उत्पन्न करने वाले वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्क्रिय परमाणु – Nishkriya Parmaanu. Inactive particales. क्रिया रहित परमाणु “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर विरोध – Purvapara Virodha. State of mutual contradiction. पूर्व और उत्तर समय अर्थात् परस्पर में विरोध होना “