गणधरवलय विधान!
गणधरवलय विधान Name of a worshipping composition composed by Ganini Shri Gyanmati Mataji. ‘णमो जीनाणं’ आदि गणधरवलय मन्त्रों पर आधारित पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा लिखित एक पूजन विधान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गणधरवलय विधान Name of a worshipping composition composed by Ganini Shri Gyanmati Mataji. ‘णमो जीनाणं’ आदि गणधरवलय मन्त्रों पर आधारित पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा लिखित एक पूजन विधान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्याधिकार – Sankhyaadhikaara. One of the 8 Anuyogadvars (disquisition doors). 8 अनुयोगद्वारों में एक अनुयोगद्वार ” जीव किस-किस गुणस्थान व मार्गणा स्थान आदि में कितने-कितने हैं इसका निरूपण इस अधिकार में किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाणा- भारतक्षेत्र में स्थित आर्यखण्ड की एक नदी। Bana- A river of bharat khsetra Arya khand (region)
उद्वर्तन Rising up (from lower living state). नरकगति व भवनत्रिकदेवगति से निकलना एंव उद्धार होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुशिलापटता- रत्नप्रभा पृथिवी के खरभाग का अंतिम पटल। Bahusilapatala- Name of a patal (layer) of Ratnaprabha earth
थावर प्रतिमा Stable image of any thing. व्यवहार से चंदन, कनक, महामणि, स्फटिक आदि से बनी प्रतिमा थावर कहलाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बगुला- एक पक्षी, श्रोता का एक भेद; बगुला के समान बाहर से भद्र एवं अंतरंग से दुष्ट होना। Bagula- A heron, A type of listener (reg. deceptive nature)
त्रैराशिकवाद Doctrine related to the conception of trio thoughts (like Jiva, Ajiva, Jiva-ajiva etc.). सर्व वस्तुओं को त्रयात्मक मानना अर्थात् तीन राशियों द्वारा चरण करने का सिद्धान्त जैसे जीव, अजीव , जीवाजीव, लोक , अलोक लोकालोक आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषधोपवास – पर्व (अश्टमी, चतुर्दषी आदि) के दिनों में चारों पगाकर के आहार का त्याग करके धर्म ध्यान में दिन व्यतीत करना। Prosadhopvasa- fasting (on 8th & 14th day etc of each fortnight