राजर्षी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजर्षी – ऋशि का एक भेद – विक्रिया और अक्षीण षक्ति के धारक साधु। Rajasrsi- A type of saints possessing super powers
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजर्षी – ऋशि का एक भेद – विक्रिया और अक्षीण षक्ति के धारक साधु। Rajasrsi- A type of saints possessing super powers
घृतस्त्रावी A type of supernatural power (reg. turning tasteless food into delicious). एक रस ऋद्धि ; जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु के हाथ में दिया गया रूखा-सूखा आहार तत्काल घी के सामान रसवाला हो जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरगिरि – Suragiri. Another name of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत का अपरनाम ।
चतुर्दशी क्रिया A type of devotional prayer. कृतकर्म ;सिद्धभक्ति , चैत्यभक्ति , श्रुतभक्ति , पंचगुरुभक्ति , शान्तिभक्ति , समाधिभक्तिपूर्वक त्रिकालदेव वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोटतीज व्रत – त्रिलोक तीजव्रत भादो सुदी तीज के दिन विषेश विधि से किया जाने वाला व्रत जिसमें रोट बनाकर भगवान के सम्मुख चढाया जाता है। Rotatija Vrata-A type of vow or fasting
चतुर्दश भूत ग्राम Fourteen Jiva Samas are called Chaturdash Bhutgram. चौदह जीव समास ही चौबीस भूत ग्राम अर्थात् जीवसमूह कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समपर्यकासन तप – Samaparyamkaasana Tapa. A meditational posture (as austerity). कायक्लेश तप का एक भेद। आसन-जिसमें पिडंलियाॅ और स्फिक बराबर मिल जायें वह समपर्यकासन है।
तीस चैबीसी व्रत A type of vows to be observed for particular 720 days in the reverence of 720 Tirthankars (Jaina-Lords) of past, present & future time related to five Bharat & five Eravat Kshetra. ढाई द्वीप संबधी पांच भरत एवं पांच ऐरावत क्षेत्र के वर्तमान भूत, भविष्यत्काल संबंधी 24-24 तीर्थंकरों के कुल 720 तीर्थकरों…
चरण Ascetic conduct, involving in introspection. चारित्र ; अपने में अर्थात् ज्ञानस्वभाव में ही निरंतर रमण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्य ग्रैवेयक – Madhya Graviveyaka. Three particular heavenly abodes among 9 Graiveyaks. 9 ग्रैवेयक विमानों में बीच के तीन विमान ;यशोधर,सुभद्र , सुविशाल “