उभयाव्यतिरेकी!
उभयाव्यतिरेकी That which refers to both extremes. हेतु का एक शब्द- अन्वयव्यतिरेकी जिसमें अन्वय दृष्टांत व व्यतिरेक दृष्टांत दोनों होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उभयाव्यतिरेकी That which refers to both extremes. हेतु का एक शब्द- अन्वयव्यतिरेकी जिसमें अन्वय दृष्टांत व व्यतिरेक दृष्टांत दोनों होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवगत्यानुपूर्वी See – Devagati Pråyogyånupýrvî. देव- देवगति प्रायोग्यानुपूर्वी ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेलित – Helita. Pushing & jostling and mocking at others while paying reverence (an infraction). वंदना का एक देष-वंदना के समय दूसरों को धक्का आदि देना या उनकी हंसी आदि करनां “
चतुर्दश Fourteen-14 Gunsthan, 14 Purva etc. चौदह- चौदह पूर्व, चौदह गुणस्थान इत्यादि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुरंग Bowing down with bending both hands and knees, Four parts of an army. नमस्कार का एक प्रकार अर्थात् सोनोन हाथ व दोनों घुटने नमाना , सेना के और अंग; अश्र्व , हज , रथ और पैदल सैनिक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हुंडकसंस्थान – Humdakasamsthaana. Misshaped structure of body. संस्थान के 6 भेदो मे एक भेद-विषम या बेडौल शारीरिक आकृति का बनना।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुरुष – Bhavapurusha. Psychologically male one. पुरुष वेद के उदय से पुरुष की अभिलाषा रूप मैथुन संज्ञा का धारक जीव “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसानंदी – Himmsaanammdi. A wicked concentration-to involve in violenceful activities with interest. रौद्रध्यान के चार भेदो मे एक भेद-तीव्र कषाय के वषीभूत होकर जीवसमूह को स्वंय मारने मे या दूसरे के द्वारा मारे जाने मे हर्षित होना और सदा हिंसा के कार्यों मे मन लगाये रखना हिंसौनंदी रौद्रध्यान है।
देशस्पर्श Binding of two matters (or of their particles). एक द्रव्य के देश अर्थात् अवयव का अन्य द्रव्य के देश अर्थात् उसके अवयव के साथ स्पर्श करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]