सुरगिरि -!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरगिरि – Suragiri. Another name of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत का अपरनाम ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरगिरि – Suragiri. Another name of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत का अपरनाम ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा:Tradition, Custom, Sequence.एक के बाद दूसरा, अविछिन्न, श्रृंखला ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव पाप – Bhava Papa. Subjective vices or sins. मन से होने वाले ५ पाप या पाप रूप परिणाम “
चतुर्दशी क्रिया A type of devotional prayer. कृतकर्म ;सिद्धभक्ति , चैत्यभक्ति , श्रुतभक्ति , पंचगुरुभक्ति , शान्तिभक्ति , समाधिभक्तिपूर्वक त्रिकालदेव वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्मासन:A Posture of meditation, Specific sitting posture related to Yoga. ध्यान का आसन सीधे बैठकर बायां पैर दाहिनी जांघ पर व दाहिना पैर बांई जांघ पर रखकर बाएं हाथ की हथेली पर दाहिने हाथ की हथेली रखना ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात विहार-शुद्धिसंयत–Yathakhyat Vihar–Shuddhi Sanyat. Those at the 11th, 12th, 13th or 14th stages of spiritual development. 11, 12, 13, 14वे गुणस्थान में पाये जाने वाले जीव यथाख्यात विहार शुद्धि संयत कहलाते है” अथवा जो यथाख्यात चारित्र वाले होते हुए शुद्धि प्राप्त संयत है”
चतुर्दश भूत ग्राम Fourteen Jiva Samas are called Chaturdash Bhutgram. चौदह जीव समास ही चौबीस भूत ग्राम अर्थात् जीवसमूह कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समपर्यकासन तप – Samaparyamkaasana Tapa. A meditational posture (as austerity). कायक्लेश तप का एक भेद। आसन-जिसमें पिडंलियाॅ और स्फिक बराबर मिल जायें वह समपर्यकासन है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्म (देव) – Brahma (dev). A type of Kalpavasi deities. कल्पवासी देवों का एक भेद, ५ वें स्वर्ग के देव “
चरण Ascetic conduct, involving in introspection. चारित्र ; अपने में अर्थात् ज्ञानस्वभाव में ही निरंतर रमण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]