उच्छ्वास नामकर्म प्रकृति!
उच्छ्वास नामकर्म प्रकृति A type of karmic nature causing respiration. वह नामकर्म जिसके उदय से उच्छ्वास चलता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उच्छ्वास नामकर्म प्रकृति A type of karmic nature causing respiration. वह नामकर्म जिसके उदय से उच्छ्वास चलता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रजीत The son of Ravana. रावण के पुत्र जो बड़वानी से मुक्त हुए।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उच्चगोत्र High status, an exogamous sub-division of caste group. गोत्रकर्म का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीचंद्र – Shreechandra. Name of a king of Kuru dynasty, The 6th predestined Balbhadra. कुरुवंशी एक राजा, मंदर का पुत्र एवं सुप्रतिष्ठ राजा का पिता जो अंत में सुमंदर यति से दीक्षा ले मुक्ति गये ” आगामी छठा बलभद्र, महापुराण में इन्हें 9वां बलभद्र कहा है “
आवश्यक Necessary, Indispensable, Inevitable. कषाय राग द्वेष आदि के वशीभूत न होना अवश है तथा उस अवश का जो आचरण है वह आवश्यक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावक – Shraavaka. A householder who follows religious instructions with reverence, Lay followers in the Jaina order. विवेकवान विरुत्तचित अणुव्रती गृहस्थ ” इसके पाक्षिक, नैष्ठिक व साधक तीन भेद है “
दंडासन तप A type of posture of meditation (sitting erectly). कायक्लेश , दण्ड के समान सीधा बैठना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धावान – Shraddhaavaan. One possessing right faith or reverential belief. जो जिनवचनों में श्रद्धान करता है अर्थात सम्यग्दृष्टि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शौचधर्म – Shauchdharma. Observance of purity or greedlessness (victory over greed). 10 धर्मों में चौथा धर्म ” लोभ पर विजय पाना ही शौचधर्म है, इससे सातावेदनीय कर्म का आस्रव होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशस्त ध्यान- प्रषंसनीय ध्यान। धर्मध्यान, शुक्लध्यान जो मोक्ष के कारण है। Prasasta Dhyana- Commendable meditation