उदुम्बरी!
उदुम्बरी A river of Bharat Kshetra (a region). भारत क्षेत्र की एक नदी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदुम्बरी A river of Bharat Kshetra (a region). भारत क्षेत्र की एक नदी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहार-काल Divinely emanation of translocational body (Aharak Sharir). दिगम्बर जैन साधुओं का भोजन काल-3 मुहूर्त जघन्य 2 मुहूर्त मध्यम 1 मुहूर्त उत्कृष्ट काल है(मूलाचार ग्रन्थ के अनुसार)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मल आकाश –Nirmala Aakaasha. Absolute pure sky, immaculateness of sky (an excellenc of Lord – Arihant). 14 देवकृत अतिशियोंमें एक अतिशय; आकाश का धुआं, उल्कापातादी से रहित होकर निर्मल हो जाना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसार टीका – आचार्य नंेतिचन्द्र कृत संस्कृत संजीवनी टीका तथा पं टोडरमल कृत भाशा टीेका। Labdhisara Tika-name of a commentary book written by Acharya Nemichandra and by pandit Todarmal
आहारक मिश्र काययोग Vibration in soul-points during the completion of Aharak Sharir. आहारक शरीर की उत्पत्ति प्रारम्भ होने के प्रथम समय से लगाकर शरीर पर्याप्ति पूर्ण होने तक अन्तर्मुहुर्त के मध्यावर्ती अपरिपूर्ण शरीर के द्वारा उत्पन्न योग।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्दंड – Nirdanda. utkrisht Freedom of soul from all types of faults ( reg.mind, speech or body). मानदंड या मनोयोग, वचनदण्ड और कायदण्डके योग्य द्रव्यकर्मो तथा भावकर्मो का अभाव होने से आत्मा निर्दंड (निर्दोष) होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरुपणा – Nirupanaa. Act of defining, exposition or investigation. नाम, जाति आदि की दृष्टि से कथन या अन्वेषण करना “
उत्पलगुल्मा Name of a Vapi (like large lakes) of Nandan forest of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत के नंदन वन की तीसरी वापी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिभंगीसार Name of a commentary book. विभिन्न आचार्यों द्वारा रचित आस्रव बन्ध सत्व आदि नाम वाली 6 त्रिभंगियों का संग्रह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नश्रवा – सुमाली का पुत्र तथा रावण का पिता। Ratnasrava- Father’s name of ravan