वेदिकाबद्धा!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदिकाबद्धा –Vedikabaddha An infraction of a particular sitting posture of meditative relaxation. कायोत्सर्ग का एक दोष; दोनों भुजाओं से दोनों घुटने बांधकर बैठना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदिकाबद्धा –Vedikabaddha An infraction of a particular sitting posture of meditative relaxation. कायोत्सर्ग का एक दोष; दोनों भुजाओं से दोनों घुटने बांधकर बैठना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीपाल – Prthivipala. Name of the writer of ‘Shrut Panchami Rasa’, Name of a Pandit. पानीपत का निवासी था, वि. १६९२ में श्रुत पंचमी रास की रचना की, एक पंडित; व्रत कथाकोष छंद के कर्ता “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवाननुगामी – Bhavananugami. A type of clairvoyance (not remains with one in next birth). अननुगामी अवधिज्ञान का एक भेद; जो भवान्तर के साथ नहीं जाता , क्षेत्रान्तर में ही साथ जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकल्प सुख – Nirvikalpa Sukha. Indetermiate enjoyment, supreme bliss. समस्त विकल्पों से रहित मोक्ष सुख “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावस्तवन – Bhavastavana. Eulogical praising of Lord Jinendra. जिनेन्द्र भगवान के गुणों का स्मरण करना “
आर्यिका संघ Group of ‘Aryikas’. परम्परागत आर्यिकाओं के संगठन को आर्यिकासंघ कहते हैं, जिसमें एक मुख्य आर्यिका (गणिनी) भी होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदारण क्रिया – Vidarana Kriya. Exposing others’ sinful activities. साम्परायिक आस्रव की १८ वीं क्रिया ” दुसरे ने जो सावध कार्य किया हो उसे प्रकाशित करना “
आरम्भी हिंसा Inevitable violence in performing various duties. हिंसा के चार भेदों में एक भेद वह हिंसा के संकल्प से न हो किन्तु असि आदि कर्मों एंव ग्रहस्थी प्रबंध करते हुए हो जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]