ऊह!
ऊह Elimination, Reasoning, Inductive reasoning.तर्क के द्वारा पदार्थ के स्वरूप का जानना यह श्रोता के 8 गुणों में से एक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]] या A time unit, Inductive reasoning. काल का एक प्रमाण 84 लाख ऊहांग प्रमाण काल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऊह Elimination, Reasoning, Inductive reasoning.तर्क के द्वारा पदार्थ के स्वरूप का जानना यह श्रोता के 8 गुणों में से एक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]] या A time unit, Inductive reasoning. काल का एक प्रमाण 84 लाख ऊहांग प्रमाण काल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उराल Liberal, Bulky, Noble . उदार, स्थूल, महान, उराल ये शब्द एकार्थवाची है, औदारिक शरीर को अवगाहना की अपेक्षा उराल कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हैरण्यवत् – Hairanyavat. Name of the summits of Ruchak & Shikhari mountains and of their deities. रुक्मि पर्वतस्थ एक कूट व उसका स्वामी देव, षिखरी पर्वतस्थ एक कूट व उसका स्वामी देव।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृंदावना –Vrindavana Name of the poet, the writer of ‘Vrindavan Vilas’ etc. many books. तीस चौबीसी पूजन, वृन्दावन, विलास, प्रवचनसार टिका अर्ह्त्पसकेवली आदि ग्रंथो के रचीयता एक कवि ” समय – ई. १८०३ – १८४८ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालाक्ष – Vishalaksha. Name of the 63rd son of king Dhritrashtra, Name of the Nagendra deity of Sphaticprabh summit of kundal mountain, Name of the 65th chief disci-ple of Lord Rishabhdev. राजा धृतराष्ट्र व रानी गांधारी का ६३ वां पुत्र, कुण्डल पर्वत के स्फटिक प्रभ कूट का स्वामी नागेन्द्र देव, भगवान वृषभदेव…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग सुख –VitaragaSukha. Supreme bliss. अनंत सुख ” शुधात्मा के दर्शन से प्राप्त जिनेश्वरों का सुख “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हुंडावसर्पिणी – Humdaavasarpinii. A period of Avasarpini Kal (Avasarpinii Kaala) i.e. period of downfall in which extraordinary events take place. असंख्यात अवसर्पिणी-उत्सर्पिणी काल बीत जाने पर एक हुण्डावसर्पिणी काल आता है। इसमें विशेष बाते होती हैः जैसे चक्री का अपमान, तृतीय काल मे तीर्थकर का उत्पन्न होना, तीर्थकर पर उपसर्ग होना आदि।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमज्ञान:Supreme knowledge, see-Parama Advaita.केवलज्ञान, देखें -परम अद्वैत ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालकीर्ति – Vishalakirti. Name of a Bhattarak of Nandi.Group, A disciple of pandit Ashadhar. नंदिसंघ बलात्कारगण नागौर गद्दी के एक भट्टरक, समय – वि. स. १६०१, पं. आशाधरजी के प्रधान शिष्य में एक शिष्य “