निश्चय विनय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय विनय – Nishchaya Vinaya. Reverence with supreme purity of soul. शुद्धात्मा के प्रति विनम्रता, लीनता एवं शुद्धि निश्चय विनय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय विनय – Nishchaya Vinaya. Reverence with supreme purity of soul. शुद्धात्मा के प्रति विनम्रता, लीनता एवं शुद्धि निश्चय विनय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शामकुंड – Shaamakunda. Name of a commentator of first 5 parts of ‘Shatkhand’. षटखण्ड आगम के 5 खण्डों पर पद्धति नामक टीका के रचयिता ” समय ई.श. 3 का उत्तरार्ध “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय निर्विचिकित्सा – Nishchaya Nirvichikitsaa. Tending towards knowing oneself or soul perfectly. मुनि अवस्था में समस्त राग-द्वेष आदि विकल्प रूप तरंगों का त्याग करके निर्मल आत्मानुभव लक्षण की निज शुद्धात्मा में स्थिति करना “
आभ्यन्तर उपकरण Internal body parts (protecting the objective senses). द्रव्येन्द्रिय की रक्षा करने वाला भीतरी अंग।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपाय-उपेय भाव Goal with means . जो साधक रूप है वह उपाय है और जो सिद्धरूप है वह उपेय है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रसनाली Channel of the mobile bios. लोक के मध्य भाग में एक राजू लम्बी , चैड़ी और कुछ कम 13 राजू ऊंची त्रसनाली है । त्रसजीव इसके भीतर ही रहते हैं बहतर नहीं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक मूढ़ता–Laukika Mudhataa.: See- Loka Mudhataa. देखें –लोक मूढ़ता “
आहार Food or Karmic intake. भोजन-खाद्य, स्वाद्य लेह्य, पेय चार प्रकार का है। अथवा नोकर्म वर्गणा आहारक, भाषा व मनोवर्गणा का ग्रहण करना आहार है। इनको ग्रहन करने वाले आहारक कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयकाल – Nishchaya kaala. Time factor causing transformation of any entity. काल जो परिणमनकरने के कारण होता है अर्थात् जो सर्वद्रव्यों के परिणमन में उदासीन निमित्त कारण है ” इसी के आधार पर व्यवहार काल जाना जाता है “