योगसार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसार – आचार्य यागेन्दु देव द्वारा रचित 108 दोहा प्रमाण अपभ्रंष अध्यात्मिक ग्रंथ। Yogasara-Name of the treatise
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसार – आचार्य यागेन्दु देव द्वारा रचित 108 दोहा प्रमाण अपभ्रंष अध्यात्मिक ग्रंथ। Yogasara-Name of the treatise
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य केवली – Saamaanya Kevalee. A type omniscient. केवली के 7 भेदो में एक भेद; सामान्य मुनि अवस्था से केवलज्ञान को प्राप्त करने वाले ।
ऋजुसूत्रनय Straight view point (related to present). जो नय केवल वर्तमान काल संबंधी पर्याय को ग्रहण करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस परित्याग – बाहय तप के 6 भेदों में एक, दूध, दही, धी, तेल, गुड, षक्कर, नमक इन 6 रसो में से सभी रस या एक या दो रस का त्याग करना। Rasa Parityga- Giving up of Patricular 6 kinds of taste
एकजीव The being (reg. soul), A type of disquisition door (Anuyogdvar). अनुयोगद्वार का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविशेण – वि सं 734 में पùपुराण के रचियता एक आचार्य। Ravisena- name of an Acharya who wrote Jain Ramayan called as ‘Padmapuarn’
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावधि : Supreme clairvoyance.अवधिज्ञान के 3 भेदों में एक भेद, यह उसी भव से मोक्ष जाने वाले (चरमषरीरी) साधु को होता है, केवल ज्ञान होने तक यह नही छूटता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायन – विधिपूर्वक सोना अदि धातुओं से बनायी गयी औशधी वर्तमान में खनिज एवं वनस्पति आदिक से जो औशधिया बनती है इन्हें भी रसायन कहते है। Rasayana-Ayurvedic medicines
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधना – Saadhanaa. Study (of soul), Striving towqrds any end or accomplishment. लौकिक एवं आध्यात्मिक सिद्धि के लिए किया गया प्रयत्न ।
ऋजुकायकृतार्थज्ञ One having knowledge of telepathy i.e. Manah Paryay Gyan (related to bodily activities). काय के द्वारा किये जाने वाले कार्य को ऋजुमति मनः पर्यय ज्ञान के द्वारा जानने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]