दर्शनशुद्धि (शास्त्र)!
दर्शनशुद्धि (शास्त्र) A book written by Acharya ‘Chandraprabh Suri’. आचार्य चन्दप्रभ सूरि (ई.1102) द्वारा रचित एक न्याय ग्रन्थ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शनशुद्धि (शास्त्र) A book written by Acharya ‘Chandraprabh Suri’. आचार्य चन्दप्रभ सूरि (ई.1102) द्वारा रचित एक न्याय ग्रन्थ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
एकांग One organ activity (reverence with bending the head only). नमस्कार का प्रकार (केवल सिर झुकाना एकांग नमस्कार है)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तेजोजराशि A mathematical quantity, A chief disciple of Lord Rishabhdev. जिस राशि को चार से अवहृत (भाग) करने पर शेष तीन अंक रहते हैं, भगवान ऋषभदेव का 62 वां गणधर (तेजोराशि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
एकादश अंगधर Jain Acharyas possessing knowledge of 11 Angas. 11 अंगधारी 5 आचार्य- नक्षत्र, यशपाल, पाण्डु, ध्रुवसेन, कंस।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुष्टिविधान व्रत–Mushtividhan Vrat. A particular kind of vow of worshiping the Lord Arihant. प्रतिवर्ष भादो, माघ व चैत्र मास में अर्थात तीनों सोलहकारण पर्वो में क्र. 1 से शु. 15 तक पुरे–पुरे महीने प्रतिदिन 1 मुष्टि प्रमाण शुभ द्रव्य भगवान् के चरणों में चढ़ाकर अभिषेक व चातुविशति जिन पूजन करना” साथ ही ॐ…
तैजस शरीर बंध A kind of bond of lustrous molecules (reg. body). 5 प्रकार के बंधन नामकर्म के भेदों में एक भेद, गृहीत तैजस पुद्गल स्ंकधों का परस्पर मिल जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाली – Bali. Name of warrior ultimately who got salvation. किष्किन्धपुर के राजा सूर्यरज का पुत्र, जिसने राम व रावण युद्ध से विरत्क हो दीक्षा धारण की एवं अन्त में निवारण प्राप्त किया “
दर्शन कथा A sacred legend . सति मनोवती नामक एक कन्या द्वारा गजमोती चढ़ाकर जितेन्द्र भगवान के दर्शन करने की एक प्राचीन रोमांचक कथा जिस पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने ‘प्रतिज्ञा’ नामक धार्मिक उपन्यास लिखा है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव मंगल – Bhava Mamgala. Pure and sacred one. वर्तमान में मंगलरूप पर्ययों से परिणत शुद्ध जीव “