ऋक्षराज!
ऋक्षराज A member of Vanar dynasty. वानरवंश का एक सदस्य एंव नल, नील के पिता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऋक्षराज A member of Vanar dynasty. वानरवंश का एक सदस्य एंव नल, नील के पिता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्षणपंक्ति व्रत – किसी भी दिन से प्रारम्भ करके एक उपवास एक पारणा क्रम से 204 उपवास करना, एवं णमोकर मंत्र का त्रिकाल जाप्य करना।अपरनाम दिव्य लक्षणपंक्ति है। Laksanapamkti Vrata-A particular type of vow (fasting) observed with proper procedure
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मि कूट – रूक्मि पर्वत के 8 कूटों में एक कूट। Rukmi (kuta)-name of a summit of Rukmi Mountain
ऊर्ध्वगति Higher/Upper destinity, Upward motion, Vertical life course. जीव व पुद्गल का उर्ध्वगमन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युधिश्ठिर – कुरूवंषी राजा पाण्डु व कुन्ती का ज्येश्ठ पुत्र, षत्रुंजय गिरि से निर्वाण प्राप्त किया। Yudhisthira- a son og king ‘pandu’ related to kuru dynasty
उभय मन-वचन योग Bilateral vibration caused by mind and speech (in observing truth & false nature of substances). सत्य और असत्य दोनों रूप पदार्थ को जानने और कहने में जीव के मन वचन के प्रयत्न से आत्मप्रदेशों में होने वाला परिस्पंदन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंघन – किसी कारणवष भोजन का त्याग कर देना लंघन है तथा विशय कशाय व आरम्भ का जहां संकल्पपूर्वक ध्यान किया जाता है वह उपवास हैं Lamghana-Food renunciation
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेय – Heya. Non-acceptable matters, insignificant, worthless. जो पदार्थ छांेड़ने योग्य है वे हेय कहलाते है। 7 तत्त्वों मे आस्रव, बंध तत्त्व हेय है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रयकथा – आचार्य पùनंदी (इ्र, 1280 – 1330) कृत एक संस्कृत ग्रंथ Ratnatrayakatha-Name of a boom written by acharya Padmanandi
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेतुमत – Hetumata. A causative principle. जिस मत मे प्रमाण व नय के द्वारा वस्तु की सिद्वि की जाये वह मत हेतुमत कहलाता है।