प्रतिपत्तिसमास!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपत्तिसमास – pratipattisamaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुताज्ञान के 20 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपत्तिसमास – pratipattisamaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुताज्ञान के 20 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्षण विनाशीभाव – Pratikshana Vinaasheebhaava. Perishing momentarily (reg. Paryay). पर्याय, जो प्रतिक्षण नष्ट होती रहती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभुत्व शक्ति – Vibhutva Sakti. The supreme thought which is pervaded every where. सर्व भावों में व्यापक ऐसी एक भाव रूप शक्ति ” जैसे – ज्ञानरूपी एक भाव सर्व भावों में व्याप्त होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पसेन – Puspasena. Name of a Digambar Acharya, the preceptor of Vadeebh Singh, Name of a poet. एक दिगम्बर आचार्य (ई. ७२०-७८०) एवं छत्रचूड़ामणि के कर्ता वादीभ सिंह के गुरु, कवि; द्विसंधान, सप्तसंधान काव्य टीका के कर्ता “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगशाली – Bhujangashali. A type of peripatetic deities. महोरग जातिय व्यंतर देवों का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पगंधी – Puspagamdhi. Name of the chief female divinity of peripatetic Indra Atikay. महोरग जाति के व्यंतरो के इन्द्र अतिकाय की वल्लभिका देवी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषार्थसिध्दयुपाय – Purusarthasiddhayupaya. A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचन्द्र (ई. ९०५-९५५) द्वारा रचित एक श्रावकाचार एवं अहिंसा की विशेष व्याख्या करने वाला संस्कृत ग्रंथ, यह श्रावक एवं साधुओं द्वारा अवश्य पठनीय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरालेख – Puralekha. Epigraphy; an archive, the study of inscriptions. शिलालेख विघा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयशुध्दि – Vinayashuddhi. Reverential purity. कीर्ति, आदर आदि लौकिक फलों की इच्छा छोडकर साधर्मी जन, गुरुजन, इत्यादिकोण का विनय करना विनय शुद्धि है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणय – Pranaya. Love, loving entearty. ब्राह्य पदार्थों में ममत्वरूप भाव का होना ” प्रेम, स्नेह, घनिष्ठता “