संक्रमण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्रमण – Sankramana. Transition of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का बदलकर अन्य प्रकृति रूप हो जाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्रमण – Sankramana. Transition of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का बदलकर अन्य प्रकृति रूप हो जाना “
द्रव्य लेश्या Physical aura, physical colouration. वर्ण नामकर्म के उदय से उत्पन्न हुआ जो शरीर का वर्ण है। उसको द्रव्य लेश्या कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकोच – Sankoca. Narrowness, Contraction. सिकुड़ना, संक्षेपण, सहमना “
द्रव्य पुण्य The Karmic matter facilitating the pleasures & merits. भाव पुण्य के निमित्त से उत्पन्न होने वाले साता वेदनीय आदि शुभ प्रकृति रूप पुद्गल परमाणुओं का पिण्ड।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकर – Sankara. Hybrid, Cross-breed, Something mixed. सम्मिश्रण, मिलावट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रीति क्रिया- गर्भान्वय की 53 क्रियाओं में एक क्रिया; इसमें गर्भाधान के तीसरे मास में जिनेद्र देव की पूजा की जाती है। Priti Kriya- An auspicious act of religious observances ( to be done in 3rd month of pregnancy)
द्रव्य नपुंसक Hermaphrodite. स्त्री व पुरूष दोनों प्रकार के लिंगों से रहित ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्विशंति – Sadvishanti. Twenty six (26 delusive Karmic nature of false believers etc.). 26, नियम से मिथ्यादृष्टि जीव मोह की 26 प्रकृतियों का स्वामी होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियंगु- सुदिनाथ एवं पग्प्रभ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम। Priyamgu-Name of the initiation tree of lord sumantinath & lord padamaprabha.
द्रव्य अवसन्न To become immoral (reg. a saint). किसी पथिक या साधु का मार्ग भ्रष्ट हो जाना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]