हृस्व!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृस्व – Hrasva. A short vowel. एक मात्रा वाला वर्ण हृस्व होता है। अ, इ, उ,, ऋ, लू, ये पाॅच हृस्व अक्षर पाॅच लध्वक्षर के रुप मे प्रसिद्व है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृस्व – Hrasva. A short vowel. एक मात्रा वाला वर्ण हृस्व होता है। अ, इ, उ,, ऋ, लू, ये पाॅच हृस्व अक्षर पाॅच लध्वक्षर के रुप मे प्रसिद्व है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य चिह्न – Bahya Cinha. External symbolic significances (reg. laugh,love , peace etc.). वस्तु की पहचान कराने वाले बाहरी चिन्ह जैसे – प्रसत्रचित रहना, धर्म से प्रेम करना, शुभ उपयोग रखना आदि धर्मध्यान के बाह्य चिह्न कहलाते है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवनिमित्तक – Bhavanimittaka. Maturity of karmas (caused by any life course). A type of a Avadhigvan (clairvoyance). भव का निमित पाकर कर्मों का उदय में आना , भवप्रत्यय अवधिज्ञान भी भवनिमित्तक होता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हूहू अंग – Huuhuu Anga. A large unit of time. काल का एक प्रमाण-हाहा प्रमित काल के 84 से गुणित होने पर प्राप्त संख्यात्मक काल।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तामर स्तोत्र – Bhaktamara Stotra. A great spiritual hymn written by Acharya Mantung on Lord Adinath. आचर्य मानतुंग (ई.श. ७ पूर्व) द्वारा संस्क्रत में रचित आदिनाथ भगवान का स्तोत्र ” इसमें ४८ काव्य हैं ” इस स्तोत्र के प्रभाव से उनकी बेड़ियाँ स्वयं टूट गई थीं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिम – Hima. Snow or ice, name of a summit of Nandan forest, name of the first Patal (layer) of the 6th hell. बर्फ, नंदन वन का एक कूट, ष्सष्टम नरक का प्रथम पटल।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमारण्य – Bhimaranya. A terribly dense forest of Videh Kshetra (region). विदेहक्षेत्र के मनोहर नगर का समीपवर्ती एक भंयकर वन “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हास्य द्विक – Haasya Dvika. The dyad of Karmic nature pertaining to laughing. हास्य, रति ये दो कर्म प्रकृतियां।