रत्नकीर्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकीर्ति – क्षेमकीर्ति ं(इ्र, 998) के षिश्य एवं आराघनासार की संस्कृत टीका भद्रबाहु चरित्र आदि के कत्र्ता Ratnakirti-Name of the disciple of Kshemkirti
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकीर्ति – क्षेमकीर्ति ं(इ्र, 998) के षिश्य एवं आराघनासार की संस्कृत टीका भद्रबाहु चरित्र आदि के कत्र्ता Ratnakirti-Name of the disciple of Kshemkirti
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य छल – Saamaanya Chhala. General cheating or deceitful behavior. छल के तीन भेद वाक्छल, सामान्य छल व उपचार छल में एक भेद । सम्भावना मात्र से कही गयी बात को सामान्य नियम बनाकर वक्ता के वचनों के निषेध करने को सामान्य छल कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त – Sachitta. Animate beings, conscious one. जीव सहित पदार्थों को सचित्त कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापराध – Saaparaadha. Offender, guilty, one at fault. अपराधी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहित नदी – 14 महानदीयो में तीसरी नदी ये महाहिसवात के पर्वत के सरोवर से निकल कर हैमवत क्षेत्र में बहकर पूर्व समुद्र मे गयी है। Rohita nadi-Name of a great river (one of the 14)
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेष्ठीगुण व्रत:A type of vow ( related to virtues of Parmeshthis).प्ंच परमेष्ठी के कुल 143 गूुणों के विषेष तिथियों में उपवास एवं नमस्कार मंत्र का त्रिकाल जाप्य करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण कायिक जीव – Saadhaarana Kaayika Jiiva. Vegetation like common aquatic plant (one sensed beings according to Jaina Philosophy). वनस्पति। जो एक शरीर बहुत जीवों का होता है वह साधारण शरीर कहलाता है। ऐसा साधारण शरीर जिन जीवों का होता है वे साधारण जीव कहलाते है। साधारण शरीर में रहने वाले सभी जीवों का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोदेव – यषास्तिलकचम्पू के कत्र्ता सोमदेव के दादा गूरू और नेमिदेव के गुरू। समय ई – 918 – 943। Yasodeva-The writer of Yashastilakchampu