प्रतिबंधक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबंधक – Pratibandhaka. Restrictive, One who makes an obstruction, an opposer. रोकने वाला या विरोधी कारण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबंधक – Pratibandhaka. Restrictive, One who makes an obstruction, an opposer. रोकने वाला या विरोधी कारण “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभुत्व शक्ति – Vibhutva Sakti. The supreme thought which is pervaded every where. सर्व भावों में व्यापक ऐसी एक भाव रूप शक्ति ” जैसे – ज्ञानरूपी एक भाव सर्व भावों में व्याप्त होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिनारायण – Pratinaaraayana. A type of great personages ( sahlaka purush), 9 Pratinarayan. नारायण के शत्रु-ऊर्ध्व लोक से आकर जन्म लेने वाले शलाका पुरुष जो नरकरूपी होते है ” यें संख्या में 9 होते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगशाली – Bhujangashali. A type of peripatetic deities. महोरग जातिय व्यंतर देवों का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिकुंचन – Pratikunchana. A type of deceit or illusion, concealment of own faults. माया का एक भेद, आलोचना करते समय अपने दोष छिपाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पमाला – Puspamala. Name of a ruling female deity of a summit (Sagar) in Nandan forest, Wreath; garland. नन्दन वन में स्थित सागर कूट की स्वामिनी दिक्कुमारी देवी, फूलों का हार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्कलावती – Puskalavati. Main city of Pushkalavarta area of the east Videh (region). पूर्व विदेह के पुष्कलावर्त क्षेत्र की मुख्य नगरी. अपरनाम पुण्डरीकिणी “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयशुध्दि – Vinayashuddhi. Reverential purity. कीर्ति, आदर आदि लौकिक फलों की इच्छा छोडकर साधर्मी जन, गुरुजन, इत्यादिकोण का विनय करना विनय शुद्धि है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषवेदकर्मप्रकृति – Purusavedakarmaprakrti. Name of the Karmic nature of male causing lust for female. जिस वेदकर्म के उदय से स्त्री में रमण करने की चाह हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणिधि – Pranidhi. A type of deceit or illusion. माया का एक भेद ” व्यापार आदि में हीनाधिक कीमत की सदृशवस्तुओं को मिलाना ( जैसे-सोने में ताँबा आदि), वस्तुओं को तोलने में हेराफेरी करना आदि रूप मायाचार है “