बंधद्रव्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधद्रव्य-कर्म परमाणुओं की संख्या जो बंधरुप हो। BandhaDravya- Aggregates of karmic molecules
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधद्रव्य-कर्म परमाणुओं की संख्या जो बंधरुप हो। BandhaDravya- Aggregates of karmic molecules
उदय पर्वत Name of a city in the southern Vijayardha mountain. विजयार्ध पर्वत की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रोत्रिय – Shrotriya. One who has thoroughly studied the scriptures. श्रुत शास्त्र के जानने वाले श्रोत्रिय कहलाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोजन – Sanyojan. The act of joining or mixing. A fault related to saint-food. मिलाना, आहार सम्बन्धी एक दोष “
आतोद्य Musical instruments. वाद्ययंत्रः ये तत, अतत, धन, सुषिर के भेद से 4 प्रकार के होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुताज्ञान – Shrutaagyaana. False scriptural knowledge. मिथ्याश्रुतज्ञान; चौरशास्त्र, हिंसा शास्त्र तथा महाभारत, रामायण आदि के परमार्थ शून्य होने से साधन करने के अयोग्य उपदेश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सतालक – Sataalaka. A type of peripatetic deities. पिशाच जाति व्यंतरों के 14 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनय मिथ्यात्व – Vinaya Mithyatva. Wrong belief-paying reverence to all deities of all religions. मिथ्यात्व के ५ भेदों में एक भेद; मन वचन काय से सभी देवों को नमन करना, सभी पदार्थों को मोक्ष का उपाय मानना ” अर्थात् सर्व धर्मों व सर्व देवों को समान जानकर मानना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतगुरु – Shrutaguru. Spiritual preceptor. जो प्रायश्चित देकर संवेग व वैराग्य जनक परमागम के वचनों द्वारा साधु का संवरण करते है वो निर्यापक है ” उन्हें ही शिक्षा गुरु या श्रुत गुरु भी कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संस्तवक – Sanstavaka. The 2nd Patal (layer) of the 2nd hell. दूसरे नरक का दूसरा पटल “