वचन (सत्प्रतिषेध)!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (सत्प्रतिषेध) – Vachan (Satpratisedha).: Speech with negation of truth. असत्य वचन के 4 भेदों में प्रथम भेद; अस्तित्वरूप पदार्थ का निषेध करना ” जैसे – मनुष्यों की अकाल में मृत्यु नहीं हैं ऐसा कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (सत्प्रतिषेध) – Vachan (Satpratisedha).: Speech with negation of truth. असत्य वचन के 4 भेदों में प्रथम भेद; अस्तित्वरूप पदार्थ का निषेध करना ” जैसे – मनुष्यों की अकाल में मृत्यु नहीं हैं ऐसा कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कांक्षित – Nishkaankshita. See – Nihkaamkshita. देखें – निःकांक्षित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवृत्त – Sanvrtta. Covered, Concealed, Hidden, A type of female genital organ. जो ढका हुआ हो उसे संवृत्त कहते हैं ” या ऐसा स्थान जो देखने में न आये, योनि का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिला – Shilaa. The third land of hell, A rock, a cliff. नरक की तृतीय पृथवी, पाषाण, पत्थर, चट्टान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषध पर्वत – Nishadha Parvata. Name of a mountain situated in Jambudvip (an island). जम्बूद्वीप के 6 कुलाचलों में तीसरा पर्वत “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमोचितावास – Vimochitavasa. A reflection of vow of non-stealing (staying of a saint in a deserted place). अचौर्यव्रत की एक भावना; दूसरे के द्वारा छोड़े हुए स्थानों में साधु का ठहरना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिक्षागुरु – Shikshaaguru. Teacher, spiritual teacher, religious preceptor-saints. व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करने वाले गुरु-इन्हें विद्यागुरु भी कहते हैं ” आगम ग्रंथों का अध्ययन कराने वाले ” निर्यापकाचार्य जो संयम (देश या सकल) के छेड़ की शुद्धि के लिए प्रायश्चित देकर संवेग व वैराग्य जनक परमागम के वचनों द्वारा साधू का संवरण करते हैं ”…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय हिंसक – Nishchaya Hinsaka. One who has not given up attachment, malice etc. जो प्रमाद व राग द्वेष आदि से सहित है “
द्वितीय स्थिति Second life time. अंतरकरण या अंतर स्थितिके उपरिवर्ती सर्वस्थिति का नाम द्वितीय स्थिति है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]