रथरेणु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथरेणु – छेत्र का मापक प्रमाण। 8 त्रस रेणु=एक रथरेणु। Ratharenu-A measurement unit of area
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथरेणु – छेत्र का मापक प्रमाण। 8 त्रस रेणु=एक रथरेणु। Ratharenu-A measurement unit of area
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकलन व्यवहार – Sankalana Vyavahaara. A mathematical operation, Integration. श्रेणी व्यवहार गणित; दो चार राशियों तक सीमित न रखकर धारावाही रूप से जोड़ना अर्थात् समान वृद्धि को लिये अनेक अंको की लम्बी धारा या श्रेणी में यह गणित काम आता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेत्य भाव- मकर फिर किसी शरीर में जन्म लेना। Pretya bhava- Taking rebirth
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा बल – Bhasha Bala. Power of speech. १० प्राणों में एक प्राण, वचन बल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षष्ठीव्रत – Sastheevrata. A particular & procedural vow (fasting) to be observed for six years. 6 वर्ष तक प्रतिवर्ष श्रावण शु. 6 के दिन उपवास करना एवं ‘ओं ह्रीं श्री नेमिनाथाय नमः’ मंत्र का त्रिकाल जाप करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियदर्शन – महोरग नामा जाति व्यन्तर देवों का एक भेद, सुमेरु पर्वत का अपरनाम, उत्तरधातकी-खण्डद्वीप का रक्षक देव। Priyadarsana- A type of peripatetic deities, other name of sumeru mountain, protecting deity of Uttardhat kikhand dvip (island)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधचरित्र – वादिराज द्वि ई 1010 – 1065 कृत, कवि पùनाथ ई 1405 – 1425 कृत, सकलकीर्ति ई 1406 – 1442 आदि विद्वानो द्वारा इस विशय के कइ ग्रन्थ रचे गए है। Yasodharacaritra-A character portrayal by many writers
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्गुण हानि वृद्धि – Sadguna Haani Vrddhi. Finite or infinite increase and decrease (related to indivisible particles etc.) अनंत भागवृद्धि, असंख्यात भाग वृद्धि, संख्यात भाग वृद्धि, संख्यात गुण वृद्धि, असंख्यात गुणवृद्धि, अनंत गुण वृद्धि ” अनंत भाग हानि, असंख्यात भाग हानि, संख्यात भाग हानि, संख्यात गुण हानि, असंख्यात गुण हानि, अनंत गुण हानि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर अविरोध – Purvapara Avirodha. State devoid of mutual contradiction. परस्पर विरोध से रहित होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्काय – Satkaaya. Six kinds of body forms of living beings. त्रस तथा पृथिव, जल, वायु, अग्नि और वनास्पतिकाय के जीव “