चिन्ह!
चिन्ह Emblem, Sign, Symbol. निशान , संकेत , चाप , प्रतीक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सरोवर – Sarovara. A water reservoir, A large tank, pond (one of the 16th dreams of Tirthankar’s mother). हृद, तालाब। तीर्थकर की माता के 16 स्वप्नों मे 10 वां स्वप्न इसका फल है- “होने वाला पुत्र अनेक लक्षणें से शोभित होगा”।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य मंगल–Mukhya Mangal. Eulogical hymn of Lord Jinendra for auspiciousness. ज्ञानियो द्वारा शास्त्र के आदि; मध्य व अन्त में विघ्न निवारण के लिए किया जाने वाला जिनेन्द्र देव का गुणस्तवन”
चित्तप्रसाद Auspicious observances. शुभोपयोग- दान , पूजा , व्रत , शील आदि शुभ राग तथा चित्तप्रसाद रूप परिणाम, शुभ है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनि प्रायश्चित (शास्त्र)–Muni Prayshchit (Shastra). Name of a treatise written by Acharya Indranandi. आचार्य इन्द्रनंदी (ई.श.10–11) की एक रचना; जिसमे साधुओ के दोषों व शक्ति के अनुसार प्रायश्चित देने की विधि का वर्णन है”
चक्रपुरी Name of the capital of Gandha country in Videh (region). अपर विदेह के गंधा नामक देश की राजधानी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पृष्ट – Sprasta. Touched.स्पर्ष किया हुआ, प्राप्यकारी या छूकर-भिड़कर जाना हुआ (चक्षु इन्द्रिय अप्राप्यकारी है, क्योकि वह स्पृष्ट रुप से पदार्थ को ग्रहण नही करती, शेष 4 इन्द्रिय प्राप्यकारी है)।
त्रयदंड Three types of punishment. मन-वचन – काय के अशुभ क्रिया रूप तीन दंड है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
छत्रपति A poet who wrote many books like Dvadashan-upreksha, Udyamprakash etc. कोका (मथुरा) के एक कवि (वि. १९१६ पौष शुक्ल १) जिन्होंने द्वादशानुप्रेक्षा , उद्यमप्रकाश आदि रचनाएं की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]