वादीभसिंह (ओडयदेव )!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वादीभसिंह (ओडयदेव )- Vaadibhasingha (Odayadeva). Name of the disciple of Pushpasen. अकलंक देव के गुरु भाई पुष्पसेन से शिष्य (ई.620 – 680) – छत्र चूड़ामणि, गद्य चिंतामणि के रचयिता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वादीभसिंह (ओडयदेव )- Vaadibhasingha (Odayadeva). Name of the disciple of Pushpasen. अकलंक देव के गुरु भाई पुष्पसेन से शिष्य (ई.620 – 680) – छत्र चूड़ामणि, गद्य चिंतामणि के रचयिता “
तरेप्पन क्रिया वृत Union or association with youngs (which is prohibited in relation to observing celibacy). श्रावक की 53 क्रियाओं के वृत – अष्टमूलगुण , बारह व्रत, बारहि तप, समता भाव, ग्यारह प्रतिमाएं, चार दान, पानी छानकर पीना, रात्रि भोजन त्याग, सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान आसैर सम्यग्चारित्र के वृत । इनकी विधिस ग्रंथों में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेलंब –Velainba Name of a summit of Manushottarmountain& its protecting deity. मानुषोत्रर पर्वत का एक कूट व उसका रक्षक एक भवनवासी देव “
तर्क Argument, Inductive reasoning, Logic. उपलब्धि और अनुपलब्धि की सहायता से होने वाला व्याप्तिज्ञान जैसे – धुएँ को देखकर अग्नि का ज्ञान होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुकसम श्रोता – Shukasama shrotaa A kind of listener having less grasping capacity as parrot. तोते के सामान श्रोता अर्थात जो दूसरों के समझाने पर कुछ शब्द मात्र ग्रहण कर पाते हैं ” ये माध्यम श्रोता कहलाते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदनाभिभव –Vedanabhibhava A reason of right perception ( by experiencing about the painful results of some wrong doings). सम्यग्दर्शन होने का एक कारण, यह वेदना अमुक मिथ्यात्व व असंयम का फल है इस प्रकार का चिंतन “
तपशुद्धि Purity through austerity. सदा संयम, समिति, ध्यान और योगों में प्रमाद रहित होते हुए तपश्चरण तथा तेरह प्रकार के चारित्र में उद्यमी रहने हुए पापों का नाश करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचिक – Vaachika.: To pay reverence eulogically (directly or indirectly). उपचार विनय के 3 भेदों में एक भेद ; वचनों अर्थात गुणानुवाद द्वारा प्रत्यक्ष या परोक्ष विनय करना “
तदुभय प्रायश्चित्त A type of repentance (related to self criticism). प्रायश्चित्त के 10 भेदों में एक भेद आलोचना और प्रतिक्रमण दोनों का संसर्ग होने पर दोषों का शोधन होने से तदुभय प्रायश्चित्त है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]