धनंजय!
धनंजय A Digambar Jain poet. दिगम्बर आम्नाय के एक कवि (धनंजय नाममाला, विषापहार स्त्रोत आदि के कर्ता) ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धनंजय A Digambar Jain poet. दिगम्बर आम्नाय के एक कवि (धनंजय नाममाला, विषापहार स्त्रोत आदि के कर्ता) ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आबाधा काण्डक Time – lag split (reg. Karmic theory). कर्मस्थिति के जितने भेदों में एक प्रमाण वाली आबाधा है उतने स्थिति के भेदों को आबाधाकाण्डक कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भट्टारक – Bhattaraka. The super souls, A title for super soul & spiri-tual personalities according to ancient Jaina scriptures. धवला आदि प्राचीन ग्रन्थों में अर्हन्त, सिध्द, साधु को परमपूज्यता के प्रतीक में भट्टरक शब्द से संबोधित किया गया है “
ईश्वरवाद Deism, Theism (related to faith in God). एक एकांत मत जो आत्मा को ज्ञान रहित व अनाथ एंव आत्मा के सुख-दुख स्वर्ग-नरकादि सर्व ईश्वर द्वारा किया मानता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वेषकी क्रिया A kind of activity of violence . एक प्रकार की हिंसा क्रिया।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तेरहपंथ A division of Jain (Digambar) religious comm-unity. दिगम्बर जैन सम्प्रदाय का एक विभाग । वर्तमान में दिगम्बर परम्परा में बीसपंथ और तेरहपंथ दो परम्पराएँ प्रचलित है। इनमें से बीसपंथ आगम सममत क्रियाओं को मानने वाला प्राचीन पंथ है एंव तेरहपंथ अनुमानित 400 वर्ष पूर्व कतिपय विद्वानों द्वारा स्थापित किया गया एक नया पंथ है।…
द्विपृष्ठ The second Narayana of the present era. वर्तमान भव में द्वितीय नारायण, जिसने कोटिशिला को अपने मस्तक तक ऊपर उठा लिया था।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीकूट – Shreekoota. The 6th summit of Himvan Kulachal (mountain), Name of the 33rd city in south of Vijayardh mountain. हिमवान कुलाचाल का छठा कूट, विजयार्थ की दक्षिणश्रेणी का 33वां नगर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रामण्य – Shraamanya. See – Shramana देखें – श्रमण ” निरुपराग ही श्रामण्य होता है “
देश A country, a part of earth. पृथिवी का वह भाग जिसका कोई विशिष्ट नाम हो और जिसके अंदर अनेक प्रदेश, ग्राम आदि हों, जैसे – भारत देश आदि ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]