छंदन!
छंदन Observance according to the will of spiritual teacher-’Acharya’. ग्रहण किए हुए पुस्तक आदि उपकरणों में , विनय के काल में , वंदना- सूत्र के अर्थ को पूछना इत्यादिक में आचार्य आदि की इच्छा के अनुकूल वर्तना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छंदन Observance according to the will of spiritual teacher-’Acharya’. ग्रहण किए हुए पुस्तक आदि उपकरणों में , विनय के काल में , वंदना- सूत्र के अर्थ को पूछना इत्यादिक में आचार्य आदि की इच्छा के अनुकूल वर्तना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुदघात – Samudghaata. Extrication of soul-points from the body without leaving the body, there are 7 kinds of it. वेदना आदि के निमित्त से मूल शरीर को नही छोड़ते हुए जो जीव के कुछ आत्मप्रदेष शरीर से बाहर निकलते है उसे समुद्धात कहते है। इसके 7 भेद है- वेदना, मारणान्तिक, वैक्रियिक, तैजस, आहारक और…
तीर्थक्षेत्र Place of pilgrimages, related to 5 auspicious events of the life of Jaina Lord etc. गर्भादि पंचकल्याणक क्षेत्र व अन्य केवली के सिद्ध स्थान व अतिशय क्षेत्र। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीष्म पितामह – Bhishma Pitamaha. A great warrior of Mahabharat. धृतराज के भाई, महाभारत के प्रमुख पात्र, अपरनाम- गांगेय “
चित्प्रकाश Spiritual consciousness. सवसंवेदन, अंतर्मुखचित्प्रकाश दर्शन है एवं बहिर्मुख चित्प्रकाश ज्ञान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समवाय – Samavaaya. An assemblage, a collection, a multitude (in separable). सम्मिश्रण, संयोग, समूह, तादात्मय, न छूटने वाला, अपृथक्पना और अयुतसिद्वपना।
चारित्रमोहनीय कर्म Conduct deluding Karmas. चारित्र या आचरण को मोहित करने वाला कर्मा ; मोहनीय कर्मा का एक भेद , जिसके उदय से जीव के असंयम भाव होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाहार – Samaahaara. A collection, an aggregate, name of a female divinity of Ruchak mountain. समूह, रुचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी।
देशात्मवाद Doctrine of believing extrinsic pleasures. बहिरात्मपना जो शुद्धदात्मा अनुभूति से विमुख इन्द्रिय सुख में आसक्ति एवं देह को आत्मा मानता है।।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]