पर रूप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर रूप:Alien nature.अपने स्वभाव को छोडकर विभाव रूप परिणमन होना ।
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तपोवृद्ध Saints more experienced or senior in austerities. तप करने में जो बडे अर्थात् अनुभवी है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृष्टिप्रवाद A part of scriptural knowledge (Shrutgyan). द्वादशांग श्रुत का 12 वाँ अंग जिसमें 363 मिथ्यात्व मतों का निराकरण है, यह दृष्टिवाद का अपरनाम है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृढ़चर्याक्रिया To have strict faith in own philosophy. दीक्षान्वय की 48 क्रियाओं में एक शास्त्र के अर्थ का अवधारण करके स्वमत में दृढ़ता धारण करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुष्ट प्रमृष्ट निक्षेप Placing something carelessly (a type of Ajivadhikaran). अजीवाधिकरण का एक भेद दुष्टता पूर्वक असावधानी से वस्तु को रखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुग्धवारिधि Name of the ocean of milk, another name of Ksheer ocean. मध्यलोक के पांचवे समुद्र क्षीरसागर का अपरनाम, इसी समुद्र से तीर्थंकरों के जन्माभिषेक का जल इन्द्रों द्वारा लाया जाता है तथा इसी में तीर्थंकरों द्वारा लुंचित केशराशि का क्षेपण किया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामानिक – Saamaanika. Those equal to Indras in age, power and enjoyment but lacking in grandeur. जो देव आयु, शक्ति, परिवार तथा भोगोपभोग में इन्द्र के समान होते है, किन्तु आज्ञा और ऐष्वर्य में इन्द्र से हीन होते है। ये पिता गुरू या उपाध्याय के समान माने जाते है।
ऋजुवाक्कृतार्थज्ञ One having telepathic knowledge (Manah Prayay Gyan) related to utterances. वचन के द्वारा किये जाने वालेू कार्य को ऋजुमति मनःपर्यय ज्ञान के द्वारा जानने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुःख Sorrow, Grief, Trouble, Pain. असातावेदनीय के उदय से होने वाला खेद व आकुलतारूप परिणाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधु संघ – Saadhu Sangha. Group of Jaina saints (with Muni, Aryika, Shravak & Shravika). चक्षुःसंघ; मुनि, आर्यिका, श्रावक, श्राविका ।