यषोनंदी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोनंदी – नन्दीसंघ बलात्कर गण में यष कीर्ति ई 231 – 299 के षिश्य व देवनंदी के गुरू ई 289 – 336। Yasonamdi-Name of an Acharya of nandi Group
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोनंदी – नन्दीसंघ बलात्कर गण में यष कीर्ति ई 231 – 299 के षिश्य व देवनंदी के गुरू ई 289 – 336। Yasonamdi-Name of an Acharya of nandi Group
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मार्दव : == कुलरूवजादिबुद्धिसु, तवसुदसीलेसु गारवं किंचि। जो णवि कुव्वदि समणो, मद्दवधम्मं हवे तस्स।। —समणसुत्त : ८८ कुल, रूप, जाति, बुद्धि, तप, श्रुत और शील का जो श्रमण थोड़ा—सा भी गर्व नहीं करता, वह मार्दव धर्म से संपन्न हुआ करता है।
देववंदना Trikal (three times a day) Samayik (act of procedural adoration to Lord Arihant). त्रैकालिक सामायिक में विधिपूर्वक चैत्य व पंचगुरूभक्ति सहित वंदना करने को देववंदना कहते हैं । श्री वसुनंदि आचार्य की मुलाचार टीका के अनुसार , ‘‘सामाइय’’ नाम भवति। जीवितमरणलाभसंयोगविप्रयोग बन्ध्वरिसुखदुःखादिषु यदेतत्समत्वं समानपरिणामः त्रिकालदेववंदनाकरणं च तत्सामायिकं व्रतं भवति।’’ अर्थात् ‘‘ जीवन-मरण, लाभ –…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रिट्ठणेमिचरिउ – कवि स्वंयंभु कृत भगवान नेमिनाथ का जीवन वृत्त।18000 ष्लोक प्रमाण अपभ्रंष काव्य। Ritthanemicariu-Name of a religious book written by a poet Svayambhu
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोत – Pota. A type of foetus birth. गर्भ जन्म का एक भेद; जो गर्भ से बाहर निकलते ही चलने फिरने में समर्थ होता है उसे पोत कहते हैं, जैसे- हिरण , शेर, चीता आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमुक्तावली व्रत – एक व्रत इसमे 343 दिन मे 284 उपवास एवं 59 पारणाए की जाती है Ratnamuktavali Vrata- A particular kind of procedural vow of 284 fasting and 59 food taking days (parnas)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल – देवनागरी लिपि का अट्ठाईसवां व्यंजन इसका उच्चारण स्थान दंत है। La-The 28th consonant of Devanagari syllabary ल – लक्ष एक लाख की सहनहानी। La- a symbol for one hundred thousand
एकांतिक Directed towards one object, one place or region. नियम से एकांत से संबंधित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बोधितबुद्ध – Bodhitabuddha. One enlightened with knowledge gained through others. जिनको परोपदेश पूर्वक ज्ञान की प्राप्ति होती है वे बोधित बुद्ध कहलाते हैं “