भाव संयोगपद!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव संयोगपद – Bhava Samyogapada. Compound words showing passions. पद का एक भेद; क्रोधी, मानी, मायावी और लोभी इत्यादि नाम जो भावों के निमित्त से व्यवहार में आते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव संयोगपद – Bhava Samyogapada. Compound words showing passions. पद का एक भेद; क्रोधी, मानी, मायावी और लोभी इत्यादि नाम जो भावों के निमित्त से व्यवहार में आते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वितर्क – Vitarka.: Argument or to make arguments. श्रुत “विशेषरूप से ऊहा या तर्कणा करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्र दोष: A type of saint’s fault related to obtaining food by giving temptation of some mystic word. दाता को मंत्र की महिमा बताकर और मंत्र देने की आशा दिलाकर यदि साधु आहार प्राप्त करें तो वह मंत्रदोष कहलाता हैं एवं आहार देने वाले के द्वारा व्यंतरादिदेवों को विद्या तथा मंत्र से बुला…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमकूट–Yamkut. Name of a summit at Yamkgiri. यमकगिरी पर स्थित एक कूट”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयसेन – Vijayasena.: Name of an Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas (part of scriptural knowledge). भद्रबाहु श्रुतकेवली के पश्चात् हुए 8 वें 11 अंग व 10 पूर्वधारी आचार्य “समय –वि.नि. 282 -295 “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगलावती: Name of an area of eastern Videh Kshetra (a region) and name of deity. पूर्व विदेह का एक क्षेत्र एवं आत्मांजन व क्षार का एक कूट व उसका रक्षक देव “
उत्तराषाढ़ नक्षत्र Name of a lunar. एक नक्षत्र वृषभदेव का जन्म और दीक्षा इसी नक्षत्र में हुई थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजय कवि – Vijaya Kavi.: Name of a poet of ‘Ajit Puran’ in Apabhransh language. अपभ्रंश में अजित पुराण के रचयिता “समय –ई.सन् 1448 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदृश एकत्व उपचार – Sadrisha Ekatva Upachaara. A type of conventional of fiqurative usage of sameness for the matters having similarities. एक प्रकार का उपचार। यह भी गौ है वह भी गौ थी। यहाॅ धर्म मे एमत्व के कारण धर्मियांे मे एकत्व का उपचार किया था।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रांतकौरव – Vikraantakaurava.: Name of a treatise written in Sanskrit on a drama i.e. ‘Sulochana’. संस्कृत में सुलोचना नाटक पर लिखा गया एक ग्रन्थ “