पुंगव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुंगव – Pumgava. The best. श्रेष्ठ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बासी भोजन – BasiBhojana. Stale food. एक दिन पहले का बना हुआ भोजन “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसिद्ध – Bhavasiddha. Most virtuous and worthy being, who can attain salvation. भव्य; जो जीव सिद्ध पद की प्राप्ति के योग्य हैं उन्हें भवसिद्ध कहते हैं “
उपपादयोग स्थान The place of soul before incarnation . योगों का स्थान अर्थात् आत्मा के प्रदेशों का सकंप जो नवीन शरीर धारण करने के पहले समय में होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म शरीर नामकर्म पकृति – Sukshma Shareera Naamakarma Prakrti. Physique making Karmic nature causing micro body or one-sensed beings. जिसके उदय से सूक्ष्म एकेन्द्रियों में जन्म होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिटारे – Pitare. A type of heavenly baskets (containing ornaments & jewels for Tirthankars) related to the Manstambha of Saudharma heaven. सौधर्म स्वर्ग के मानस्तंभों में रत्नों की सांकल में लटके पिटारे कहलाते हैं जिनमें से देवगण तीर्थंकरों के लिए भोजन, वस्त्र, आभूषण आदि लाते हैं “
उपचरित स्वभाव Formal nature. स्वभाव का भी अन्यत्र उपचार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म – Sukshma. Micro particles or organism (invisible). जे इन्द्रियो के गोचर न हो ऐसे स्कंध जैसे कार्मण वर्गंणाआदि , एकेन्द्रिय जीवों के सूक्ष्म और बादर इन दो भेदों में प्रथम भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिंगल – Pingala. One of the 9 treasures of Chakravarti (emperor), A king of Yadu dynasty. चक्रवर्ती की नव निधियों में दिव्याभरण उत्पन्न करने वाली एक निधि, यदु (यादव) वंश का एक राजा “