लेश्या!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेश्या – Leshya.: Karmic stain , Aura , colouration. कषाय से अनुरंजित जीव की मन वचन काय की या जो आत्मा को शुभाशुभ कर्मों से लिप्त करे ” कृष्ण , नील , कपोत , पीत ,पद्य , शुक्ल इसके ये 6 भेद है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेश्या – Leshya.: Karmic stain , Aura , colouration. कषाय से अनुरंजित जीव की मन वचन काय की या जो आत्मा को शुभाशुभ कर्मों से लिप्त करे ” कृष्ण , नील , कपोत , पीत ,पद्य , शुक्ल इसके ये 6 भेद है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाप आस्त्रव – Papa Asrava. Influx of sinful Karmas. पाप कर्मो के आने के कारणभाव- कलुषता, विषयों के प्रति लोलुपता, पर को परिताप करना आदि”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव संयोगपद – Bhava Samyogapada. Compound words showing passions. पद का एक भेद; क्रोधी, मानी, मायावी और लोभी इत्यादि नाम जो भावों के निमित्त से व्यवहार में आते हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूल–Mula. Name of a lunar, Original, Real, Basic. एक नक्षत्र, मुख्य, जड़, वास्तविक.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदेाष :A fault to have jealousy with worthy donees.पात्र के प्रति ईष्र्या आदि का होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्यदत्त – Satyadatta. One of the 32 principles of modesty or courtesy, Name of the main listener in the assembely of Lord Dharmnath. एक विनयवादी, विनयवादियों के 32 भेदों में एक भेद, तीर्थंकर धर्मनाथ का मुख्य श्रोता या प्रश्नकर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाणिपात्र :Hand bowl (hallowed open hands joined together) used in food taking by Digambar Jana Saints.दोनो हाथ को मिलाकर बनी अंजुलि को पाणिपात्र कहते है। दिगम्बर जैनसाधु पाणिपात्र मे आहार ग्रहण करते है।
उदासीन कारण Reasons of passiveness and neutrality. ऐसे कारण जो प्रेरक न हो जैसे धर्म अधर्म आदि द्रव्य जीव पुद्गल की क्रिया में उदासीन कारण हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांड्य:A country situated in the middle aryakhand (region).मघ्य आर्यखण्ड मे स्थित एक देश।