द्वितीयोपशम सम्यत्तव!
द्वितीयोपशम सम्यत्तव Second subsidential right belief. उपशम श्रेणी चढ़ने वाले साधु को क्षयोपशम सम्यग्दर्शन से पुनः जो उपशम सम्यक्त्व होता है उसे द्वितीयोपशम सम्यग्दर्शन कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वितीयोपशम सम्यत्तव Second subsidential right belief. उपशम श्रेणी चढ़ने वाले साधु को क्षयोपशम सम्यग्दर्शन से पुनः जो उपशम सम्यक्त्व होता है उसे द्वितीयोपशम सम्यग्दर्शन कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चंद्राभ Name of the 11th Kulkar (ethical founder), A city in the south of Vijayardh mountain, A type of Laukantik deities, A king of Yadu descendant. ११वें कुलकर का नाम,विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर, लौकान्तिक देवों की एक जाति , यदु (यादव) वंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्विचरमकाल The time less than one Samay than the ultimate time. अंतिम समय से एक समय पूर्व का काल द्विचरमकाल कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रविनय Reverential conduct, Absorption in conduct with knowledge and faith. इन्द्रिय और कषायों के प्रणिधान या परिणाम का त्याग करना तथा गुप्ती समिति आदि चारित्र के अंगों का पालन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वयर्धगुणहानि A type of decreasing series. गुणहानि आयाम को ड्योढ़ा (द्वयर्ध) करने पर जो प्रमाण प्राप्त हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिलातपुत्र Name of an Anuttaropapadak in the era of Lord Mahavira. भगवान् वीर के तीर्थ के एक अनुत्तरोपपादक साधु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चित्रविचित्र Variegated, A king of Kuru dynasty. रंग -बिरंगा , कुरुवंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंचत्(चंचु) Name of the 11th Patal (layer) of ‘Saudharm’ heaven. सुधर्मा स्वर्ग का ११वें पटल का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तोत्र – Stotra. Spiritual and religion hymn.कविता के रुप मे किसी इष्ट देव का वर्णन करना। प्रषंसा स्तुति, स्तोत्र एकार्थवाची है। भिन्न-भिन्न आचार्यों ने अनेक स्तोत्र लिखे है।
चरमावाली Last or ultimate Avali (a time period). अंतिम आवली ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]