परंपरा आगम!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा आगम:Scriptures as stated by Gandhar (Chief disciple of Lord) etc. गणधरादि द्वारा कथिम आगम ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा आगम:Scriptures as stated by Gandhar (Chief disciple of Lord) etc. गणधरादि द्वारा कथिम आगम ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिथिल – Shithila. Slack, Relaxes, Loosened, Inactive one. ढीला, सुस्त, द्रव्यलिंगी साधु; आहारादि सुखों में तल्लीन होकर जो मुनि रत्नमय में अपनी प्रवृति शिथिल या ढीली करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषद्या क्रिया – Nishadyaa kriyaa. Auspicious ceremony related to the seating of newly born baby with worshipping the Lord. गर्भान्वयक्रिया का 9 वां संस्कार; इस क्रिया में सिद्ध भगवान की पूजा विधिपूर्वक करके किसी शुद्ध आसन पर बालक को बैठना सिखाया जाता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पनसा:A river of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र स्थित आर्यखण्ड की एक नदी ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सद्भाव : == किं तेणावि घडिज्जइ जो न हु सब्भावरसनिसित्तो वि। पुरिसो य पुहइिंपगे व मिज्जिओ अप्पमप्पेइ। —गाहारयणकोष : ६५ जो सद्भाव के रस से अभिसिंचित नहीं है, उसके जन्म से क्या लाभ ? पुरुष तो पृथ्वी के िंपड जैसा होता है जो पानी से भीजकर अपने आपको…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय समिति – Nishchaya Samiti. Absolute behaviour. अपने स्वरुप में सम्यक् प्रकार से गमन अथवा परिणमन करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भंगविधि – Bhamgavidhi. A particular method for obtaining knowledge of something, synonym word for shrutgvan (scrip- tural knowledge). अहिंसा, सत्य, अस्तेय, शील आदि भंग का जिसके द्वारा विधान किया जाता है उसे भंगविधि अर्थात् श्रुतज्ञान कहते हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == शौच : == समसंतोसजलेणं जो धोवदि तिव्व—लोहमल—पुंजं। भोयण—गिद्धि—विहीणो, तस्स सउच्चं हवे विमलं।। —समणसुत्त : १०० समता और संतोष के जल से जो तीव्र लोभ के मल—पुंज को धाया करता है, भोजन की लालसा से जो विहीन हुआ करता है, वह पवित्र शौच धर्म से संपन्न होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाश्वत सुख – Shashvata Sukha. Supreme or enternal bliss. अनंत सुख ” अर्थात सूक्ष्म लोभ का नाश होने से जो सूक्ष्म परिणाम शेष रह जाते हैं वह सूक्ष्म चरित्र है वह शाश्वत सुख का स्थान है “