धृततेज!
धृततेज A king of Kuru dynasty. कुरूवंश का एक राजा ,धृतोदय का पुत्र और धृतयश का पिता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धृततेज A king of Kuru dynasty. कुरूवंश का एक राजा ,धृतोदय का पुत्र और धृतयश का पिता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिघकर्म – Pratighakarma. Removing obstruction or resistance. अनुयोग की निरुक्तिमें प्रयुक्त 5 दृष्टान्तों में एक-जैसे लकड़ी से किसी वस्तु को तैयार करने के लिए उसके निरुपयोगी भाग को छांटकर निकाल देना (अपरनाम-प्रतिघात कर्म) “
धारा नगरी Present Dhar city in Madhya pradesh, where Mantun-gacharya composed Bhaktamar Stotra. मध्यप्रदेश का एक नगर जहां के कारावासस में मानतुंग आचार्य द्वारा भक्तामर स्तोत्र की रचना हुई। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणेता – Pranetaa. Founder, Maker, Composer. संस्थापक, रचनाकार “
धातकीखंड (द्वीप) An island situated in middle universe. मध्यलोक में स्थित द्वितीय द्वीप जिसकी सब रचना जम्बूद्वीप से दूनी-दूनी हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदंत (आचार्य) – Puspadamta (Acarya). Name of an Acharya of Moolsangh, who wrote Shatkhandagam (a great Jaina treatise). मुलसंघ के एक आचार्य; धरसेनाचार्य के पादमुल में ज्ञान प्राप्त करके षट्खंडागम की रचना की, ये अंगांशधारी थे. इस नाम से और भी आचार्य हुए “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्कर – Puskara. Name of a Viman (heavenly abode) of Achyut heaven. अच्युत स्वर्ग का एक विमान “
धर्मवीर्य Name of the main listener in the assembly (Samavasharan) of Lord Padmaprabhu. पद्मप्रभु भगवान के मुख्य श्रोता का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुदेवचंपू – Purudevacampu. Name of a book written by Arhaddas. अर्हद्दास (उत्तरार्ध ई. श. १३) द्वारा रचित ॠषभचरित्र विषयक एक ग्रंथ “
धर्मफल Attainment of all virtuous things (reg. wealth, health, beauty etc.). राज्य, संपदाएं , भोग्य, योग कुल में जन्म, सुरूपता, आयु, आरोग्य आदि की उपलब्धि (धर्म पालन के पुण्य से प्राप्त)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]