रूधिर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूधिर – खून, सौधर्म स्वर्ग का दसवां पटल व इन्द्रक। Rudhira- Blood,name of the 10th patal (layer) & Indrak of Saudharma heaven
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूधिर – खून, सौधर्म स्वर्ग का दसवां पटल व इन्द्रक। Rudhira- Blood,name of the 10th patal (layer) & Indrak of Saudharma heaven
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुरवा – Pururava. Name of a tribal persone who was the soul of Lord Mahavira in the past 34th birth. एक भील जो की महावीर भगवान का दूरवर्ती- ३४वा पूर्वभव है, जब उसने एक दिगम्बर मुनिराज से मघ, मांस, मधु त्याग का नियम ग्रहण किया था “
देवताभास A false appearance of deities. देव का आभास देव न होते हुए भी देव जैसा लगना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुराकल्प – Purakalpa. Old time pertaining to traditional theory. एतिह्या सहचरित विधि को पुराकल्प कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथ – प्राचीन काल का प्रसिद्ध वाहन, इसमे हाथी घोडे जोते जाते थे। युद्ध के समय राजा इस पर आरूढ होकर समपरांगण मे जाते थे। वर्तमान में रथ पर भगवान विराजमान करके रथ यात्रा निकाली जाती है। Ratha-Chariot
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञापरिषहजय – Pragyaaparishahajaya. Proudlessness of knowledge or intellect (sagacity with proudlessness). अनेक शास्त्रों में निपुण होते हुए भी जो साधू अपने ज्ञान का अभिमान नहीं करता, समता रखता है “
देवदर्शन Paying reverence to Lord- Arihant with proper procedure. जिनेन्द्र भगवान का विधिपूर्वक दर्शन करना, जिससे करोड़ों उपवास का फल प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगिनी – Bhujangini. One of the super power possessed by Ravan. रावण को प्राप्त अनेक विधाओं में एक विधा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसकर्म – मंत्र – तंत्र आदि के द्वारा रस आदि की सिद्धि करना। Rasakarma- Mystical activity
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == जयश्री : == सव्वायरेण रक्खह तं पुरिसं जत्थ जयसिरी वसइ। अत्थमियम्मि मियंके तारेहिं न कीरए जोण्हा।। —गाहारयण कोष : ७८० जिस पुरुष में जयश्री निवास करती है, उसका सब प्रकार आदर के साथ रक्षण करो क्योंकि चन्द्र के अस्त होने पर तारों से प्रकाश नहीं होता। सुच्चिय सूरो…