द्रव्यगुण!
द्रव्यगुण Common & specific virtues of substance or matter. द्रव्य के गुण दो तरह के हैं सामान्य गुण जो छहों द्रव्यों में पाये जाते हैं विशेषगुण जो हर एक ही में पाये जाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्यगुण Common & specific virtues of substance or matter. द्रव्य के गुण दो तरह के हैं सामान्य गुण जो छहों द्रव्यों में पाये जाते हैं विशेषगुण जो हर एक ही में पाये जाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक आनंद – Svaabhaavika Aanamda. Supreme natural bliss, supreme pleasure. निश्चत मोक्षमार्ग के अनेक नामो मे एक नाम, समस्त विकल्पो से रहित परम समाधि से उत्पन्न होने वाला सुख।
द्रव्य – अंतर Dissimilarity in form of matters. अंतर का एक भेद किसी समर्थ द्रव्य की किसी निमित्त से अमुक पर्याय का अभाव होने पर निमित्तान्तर से जब तक वह पर्याय पुनः प्रकट नहीं होती।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साक्षर शब्द – Sakshara Sabda. Syllabary language. मनुष्यों की भाषा साक्षरी तथा पशु-पक्षियो की निरक्षरी होती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांतर बंधी प्रकृति – Saantara Bandhee Prakrti. A karmic nature with having property of its anhihilation (to put out of existence of one Gati for another). जिस कर्म प्रकृति का काल के क्षय से बन्ध व्युच्छेद संभव है वह सांतरबंधी प्रकृति है। अर्थात् जहां किसी समय देवगति का बंध हो और किसी समय अन्य…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिषेधरुप हेतु- हेतु का एक भेद; इस स्थान पर षीत नहीं है क्योंकि उश्णता मौजूद है, इस प्राणी में सुख नही है क्योंकि सुख से विरुद्ध दुःख मौजूद है, इत्यादि। pratisedharupa hetu – a cause pertaining to negative sense
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्तिक पदार्थ–Muurtik Padarth. Tangible matters, which can be touched, tested & felt etc. रूपी पदार्थ जिसमे स्पर्श, रस, गंध, वर्ण गुण पाए जाते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश परिस्पंद- आत्म प्रदेषें में योगों के माध्यम से हलन चलन होना। pradesa parispamda – vibration in soul spaces