छायावत्!
छायावत् Liberated soul, like reflected image. मुक्तजीव ; छाया के प्रतिबिम्ब के समान पुरूष के आकार को धारण करने वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छायावत् Liberated soul, like reflected image. मुक्तजीव ; छाया के प्रतिबिम्ब के समान पुरूष के आकार को धारण करने वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तंतुचारण ऋद्धि A supernatural power for becoming so small as to walk on the spider’s web. ऋद्धिः जिसके प्रभाव से मुनिजन अति लघु होकर मकड़ी के तंतु के ऊपर चरण रखमे हुए उसे बिना बाधा पहुँचाये गमन करते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखस्थ कमल–Mukhast Kamal. A type of meditation, to establish ‘Saa’ (a mystic word) into the mouth. पदस्थ धयन की प्रक्रिया के अंतर्गत एक क्रिया, मुख स्तिथि कमल जहा पंचाक्षरी मन्त्र (असिआउसा) के‘सा’ को स्थापित किआ जाता है”
जम्बूस्वामीचरित्र Name of a book written by Pandit Rajmalla. पं. राजमल (ई. १५७५-१५९३) द्वारा रचित संस्कृत काव्य , इसमें २४०० पद एवं १३ सर्ग हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ठकाप्पा (कवि) Name of a Marathi poet. एक मराठी कवि जिन्होंने पाण्डव पुराण की रचना की । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
छिद्र(घटाछिद्र) Hole, opening, A type of listener, totally unable to understand any preaching. छेद, श्रोता का एक भेद- जिसके हृदय में कुछ भी उपदेश नहीं ठहरे ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानशन – Sarvaanashana. A type of great austerity pertaining to renunciation of food upto holy death. अनषन तप के दो भेदों में एक भेद, मरण समय में अर्थात् सन्यास काल में मुनि सर्वानषन तप करते है। भक्तप्रत्याख्यान, इंगिनीमरण, प्रायोपगमनमरण अथवा अन्य भी अनेकों प्रकार के मरणों में जो मरण प्र्यत आहार का त्याग करना…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्य महाव्रत – Satya Mahaavrata. Great vow of true speech (right speaking according to text). राग द्वेष या मोह से प्रेरित जैन साधुओं द्वारा सब प्रकार के झूठ वचनों का त्याग करना और आगम के अनुरूप बोलना सत्य महाव्रत है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतेश – Bhutesha. Name of an Indra (celestial being). भवनवासी देवों के २० इन्द्रों में तीसरा इंद्र “
तंत्रवार्तिक टीका Name of a book written by Someshvar Bhatta. मीमांसा दर्शन की कुमारिल भटट द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]