रविशेण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविशेण – वि सं 734 में पùपुराण के रचियता एक आचार्य। Ravisena- name of an Acharya who wrote Jain Ramayan called as ‘Padmapuarn’
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविशेण – वि सं 734 में पùपुराण के रचियता एक आचार्य। Ravisena- name of an Acharya who wrote Jain Ramayan called as ‘Padmapuarn’
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाणिमुक्ता गति :Curved motion, a type of transmigratory motion.विग्रहगति का एक भेद, संसारी जीवो की एक मोड़ेवाली गति।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायन – विधिपूर्वक सोना अदि धातुओं से बनायी गयी औशधी वर्तमान में खनिज एवं वनस्पति आदिक से जो औशधिया बनती है इन्हें भी रसायन कहते है। Rasayana-Ayurvedic medicines
तत्वज्ञानी One who has the real knowledge of matter; A philosopher, A metaphysician. तत्वों का जानने वाला, तत्वज्ञाता । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
णेमिणाहचरिउ A book written by Acharya Amarkirti. आचार्य अमरकीर्ति (ई.सन् 1187) द्वारा रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राहू – ज्यातिश के मुख्य 9 ग्रहो में 8 वां ग्रह जन्मकुंडली में राहु ग्रह से अनिश्ट होने पर उसके निवारण हेतू भगवान नेमिनाथ की उमासना की जाती है। Rahu-An astrological planet
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल्क्षण निमित्तज्ञान – अश्टांग निमित ज्ञान का छठा अंग, षारिरिक चिन्ह देखकर मनुश्य के ऐष्वर्य व दरिद्री आदि का ज्ञान होना। Laksana Nimittajnana-A type of knowledge gained through different marks of the body