आनंदिनी!
आनंदिनी The name of a dominion ‘Bheri’ of Bharat Chakravarti (emperor). भरत चक्रवर्ती की विभूति भेरी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आनंदिनी The name of a dominion ‘Bheri’ of Bharat Chakravarti (emperor). भरत चक्रवर्ती की विभूति भेरी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वप्नातिचार – Svapnaaticaara. An infraction, use of unusable matters in dreams.अतिचार का एक भेद, स्वप्न मे अयोग्य पदार्थ का सेवन होना।
दिव्यभूमि The assembly land of Lord Arihant. स्वाभाविक भूमि से एक हाथ ऊंची समवसरण की भूमि , इसके एक हाथ ऊपर कल्पभूमि होती है। हरिवंशपुराण के आधार से यह व्यवस्था मानी है तथा तिलोयपण्णत्ति में एक हाथ ऊपर से एक- एक हाथ ऊंची बीस हजार सीढि़यां मानी है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जिनायतन The Jain temples (natural & man made). जिनमंदिर-यह अकृत्रिम-कृत्रिम के भेद से दो प्रकार के होते हैं। ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वद्रव्य रति – Svadravya Rati. Devotion in one-self.आत्मद्रव्य मे प्रेम य तल्लीनता होना (स्वद्रव्य रति ही सुगति का कारण है)।
दृष्टिनिर्विष ऋद्धि A type of supernatural power (making one cured by casting a glance of a saint). जिस ऋद्धि के प्रभाव से प्रसन्नचित्त साधु के द्वारा देखने मात्र से रोग व विष से पीडि़त जीव स्वस्थ और निर्विष हो जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जयबाहु Name of an Acharya possessing knowledge of some Angas (scriptural knowledge). आचारांगधारी ४ मुनियों में तीसरे मुनि , अपरनाम यशोबाहु ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वच्छंद वृत्ति – Svacchammda Vrtti. Restraintless conduct.स्वेच्छानुसार आचरण करना।
दूर प्रकृष्टि Magnetic effect (as a quality), Power of attraction. दूर से खीचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जयभद्र Name of a great Acharya saint. आचारांगधारी ४ मुनियों में दूसरे मुनि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]