लांगलावर्ता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांगलावर्ता – पष्चिम विदेह क्षेत्र के 8 देषो मे एक देष। मंजूशा नगरी इसकी राजधानी है। Lamgalavarta-Name of a country of western videh (region) having the capital city Manjusha
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांगलावर्ता – पष्चिम विदेह क्षेत्र के 8 देषो मे एक देष। मंजूशा नगरी इसकी राजधानी है। Lamgalavarta-Name of a country of western videh (region) having the capital city Manjusha
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बन्दनवार- धोरण, वन्दनमाला जो मंदिर के द्वार पर लटकायी जाती है। Bandanavara- Auspicious hangings (of wreath etc) hung at the entrance door of temple
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रियोग – साधुओं का एक कृति कर्म। सायंकालीन प्रतिक्रमण के पष्चात योग भक्तिपूर्वक जैन साधु रात्रियोग धारण करते है।प्रात कालीन सामायिक से पूर्व योग भक्तिपूर्वक ही उसका निश्ठापान करते हैं। Ratriyoga-Meditation activities to be observed by saints during night hours (an austerity)
इन्द्रभूति- पूर्व भव में आदित्य विमान में देव थे। यह गौतम गोत्रीय ब्राह्मण थे। वेद पाठी थे। भगवान वीर के समवशरण में मानस्तम्भ देखकर मानभंग हो गया। व 500 शिष्यों के साथ दीक्षा धारण कर ली। तथा सात ऋद्धियाँ प्राप्त हो गयी। भगवान महावीर के प्रथम गणधर थे। आपको नावण कृश्ण एकम् के पूर्वोह काज…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बध्य घातक भाव विरोध- विरोध का एक भेद, यह सांप- नेवला या अग्नि – जल आदि में होता है। दोविद्यमान पदार्थो के संयोग होने पर बलवान द्वारा निर्बल को बािधत करना। अग्नि से असंयुक्त (मित्र) जल अग्नि को नहीं बुझा सकता है। Badhya Ghataka Bhava Virodha- Ruinous, controversial, relation lik
द्रोणामुख Port; docks. बंदरगाह; जलयानों के ठहरने का स्थान। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर युग्मराशि- बह राशि जिसको चार से अवहुत (भाग) करने पर दो रुप शेष रहता है। Badara Yugmarashi- such a Quantity, on Dividing to which by 4, 2 will be remainder
द्रव्यांश Parts of a matter. द्रव्य का एक भाग उत्पाद व्यय घ्रौव्य रूप परिवर्तन पूरे द्रव्य में होता है किसी एक अंश में नहीं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आम्रवन Forest of mango-trees, Name of the initiation forest of Lord Shantinath. आम के वृक्षों का वन, शांतिनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम(सहस्रआम्र)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाष्य सूक्ति – Bhasya Sukti. Name of a treatise written by jagadish Bhattacharya. वैशेषिक दर्शन सूत्र पर लिखी जगदीश भट्टाचार्य कृत एक व्रत्ति का नाम “