रजतप्रभ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रजतप्रभ – कुंडलवर पर्वत के दक्षिण दिषा का प्रथम कूट Rajata Prabha-Name of the first summit of southern Kundalvar mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रजतप्रभ – कुंडलवर पर्वत के दक्षिण दिषा का प्रथम कूट Rajata Prabha-Name of the first summit of southern Kundalvar mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रघोष – Vajraghosh. One who was soul of Lord Parshvanath & became an elephant after killed by Kamath. तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जीव जो कामथ द्वारा मारा जाने पर सलल्की वन में वज्रघोष हाथी हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचंद्र – Nemichandra. Name of a great Aacharya, the writer of Gommatsar etc.great books of Jainism. सिद्धांत चक्रवर्ती; गोम्माटसार, त्रिलोकसार, लब्धिसार, द्रव्यसंग्रह आदि के कर्ता आचार्य, चामुंडरायके गुरु ” समय-ई.श.10-11 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिशुपाल – Shishupaala. Name of a famous king who was killed by Krishna according to jaina scriptures. राजा मेषज एवं रानी मद्री का पुत्र, इसके तीन नेत्र थे ” किसी निमित्तज्ञानी ने बताया था कि जिसके देखने से इसका तीसरा नेत्र नष्ट होगा वही इसका हन्ता होगा ” माता-पिता उसे एक बार कृष्ण के…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाग – Bhaga. Division, a fraction, a section. अंश, पर्याय, भेद, विधा , भाग सब एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत् – Sat. Truth, Reality, Existence, Essence. पदार्थों का स्वतः सिद्ध अस्तित्व ” या उत्पाद, व्यय और ध्रौव्य से युक्त द्रव्य ” सता, सत्व, सामान्य, द्रव्य, वस्तु, अर्थ, विधि, सत् ये सर्व एकार्थवाची शब्द हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगवती आराधना टीका – Bhagavati Aradhana Tika. A commentary book on Bhagavati Aradhana written by Pandit Ashadharji. पं. आशाधर (ई. ११७३-१२४३) द्वारा रचित एक टीका “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगी – जिसने ष्वास को जीत लिया।जो नेत्र टिमकर रहित है, जो काय के समस्त व्यापार से रहित है, निसन्देह वह योगी है। Yogi-Meditator, Who is deeply engrossed into supreme knowledge
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनप्रवृति – Vachanpravrtti.: Speaking activities. जीव की बोलने हेतु प्रयत्न रूप क्रिया या प्रवृति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसर्ग – Nisarga. Natural state, NNature. स्वभाव या प्रवर्तन “