प्रशांति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशांति- उत्कृश्ट शांति तीर्थकर शांतिनाथ के पÜचात दो राजाओं के बाद हुआ कुरुवंषी राजा। Prasanti- Tranquility, Calm A king of kuru dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशांति- उत्कृश्ट शांति तीर्थकर शांतिनाथ के पÜचात दो राजाओं के बाद हुआ कुरुवंषी राजा। Prasanti- Tranquility, Calm A king of kuru dynasty
दुःखरूप Irksome, Troublesome, Distressing. हिंसादि पाप दुःख के कारण होने से दुखरूप कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बकुल- नमिनाथ भगवान के दीक्षा एवं केवलज्ञान वृक्ष का नाम (मौलसिरी)। Bakula- name of the initiation & ommiscience tree of lord Naminath
दिव्याष्टगुण Eight virtues of salvated one. सिद्ध परमेष्ठी के 8 गुण अनंतज्ञान, अनंतदर्शन, अव्याबाधत्व, सम्यक्त्व, अवगाहनत्व, सूक्ष्मत्व, अगुरूलघुत्व , अनंतवीर्य ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधाभाव गति- एरण्डबीज आदि की बंध के अभाव से होने वाली गति। Bandhabahava Gati- A type of motion
दानांतराय A type of obstacle related to donation. अंतराय के पाँच भेदों में से एक जिसके उदय से मनुष्य दान देने की इच्छा करता हुआ भी नहीं दे पाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकल्प – Sankalpa. Resolution, Determination, Will. प्रतिज्ञा, कामनाशक्ति, चेतन-अचेतन आदि पदार्थो में ‘ये मेरे हैं’ ऐसी कल्पना करना संकल्प है “
दश वैकालिक A type of scriptural knowledge (shrutgyan). अंगबाह्य श्रुत का 7 वां प्रकीर्णकः इसमें मुनियों की गोचरी आदि वृतियों का वर्णन किया गया है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडश स्वप्न – Sodasha Svapna. Sixteen auspicious meaningful dreams seen by Tirthankar’s (Jaina Lord’s) mother. तीर्थंकर माता को दिखने वाले 16 स्वप्न; ऐरावत हाथी, बैल, सिंह, दो माला, लक्ष्मी, पूर्ण चन्द्रमा, सूर्य, दो कलश, मछली युगल, सरोवर, समुद्र, सिंहासन, देवों का विमान, नागेन्द्र भवन, रत्न राशि, निर्धूम अग्नि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियोदभव क्रिया- गृहस्थ की 53 क्रियाओं में एक क्रिया; प्रसूति होने पर जातकर्मरुप मन्त्र व पूजन आदि का बड़ा पमजन-विधान आदि करना। Priyodbhava kriya- To organize an auspicious & reverential celebration (pujan vidhan) on the birth of a child ( a duty of householder)