मुनिदत्त!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिदत्त–Munidatt,
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मोह-विजय : == णिस्सेसखीणमोहा, फलिहामलभायणुदयसमचित्तो। —पंचसंग्रह : १-१५ जिसने सम्पूर्ण मोह को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, उस निर्मोही का चित्त स्फटिक मणि के पात्र में रखे हुए स्वच्छ जल की भाँति निर्मल हो जाता है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्त जीवराशि –Mukta Jeevrashi. An infinite number of salvated beings. अनंतानंत, द्रव्य गणना कीअपेक्षा जिसकी सहनानी ‘3’ है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदकल्पना – सापेक्ष – अशुद्ध – द्रव्यार्थिक नय –A kind of viewpoint which differentiate the relation of properties (virtues) and its possessor (matter). नय; जो द्रव्य में गुण-गुणी का भेदकर के उनमेंसम्बधं स्थापित करता है, जैसे द्रव्य गुण व पर्याय वाला है अथवा जीव ज्ञानवान्है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैरात्रिक –Vairatrika A particular time period after midnight. पिछली रात्रि, अपररात्रि, आधी रात के बाद दो घड़ी बीत जाने पर वहाँ से लेकर दो घड़ी रात रहे तब तक के काल को वैरात्रिक कहते हैं ” साधू जन कृतिकर्मपूर्वक वैरात्रिक स्वाध्याय करते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूषांग:See – Bhusanamga jati kalpvraksh. देखें – भूषणांग जाति कल्प वृक्ष।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवाद – Vivada. A doctrinal debate, Dispute, Quarrel, Contro-versy. शास्त्रर्थ, संघर्ष, विचार – विमर्श, कलह ” दूसरे के मत को खण्डन करने वाले वचन का कहना विवाद है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र वैक्रियिक काययोग–Mishra Vaekriyika Kayayoga. A kind of Karmic body form. उत्त्पत्ति समय से लेकर अन्तमुहूर्त पर्यत कार्मण शरीर की सहायता से वैक्रियिक शरीर की वर्गणाओद्वारा जो योग होता है”
ऐशान Name of the 2nd heaven, Name of an Indra who put parasol over the head of Lord on the event of birth ceremony of Lord. द्वितीय स्वर्ग का नाम, द्वितीय इंद्र का नाम जो भगवान के जन्मकल्याणक में आकर भगवान के ऊपर छत्र लगाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]