दुर्जन!
दुर्जन A villain, scoundrel, Cruel. दुष्ट, दुराचारी व्यक्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुर्जन A villain, scoundrel, Cruel. दुष्ट, दुराचारी व्यक्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गेंडा Rhinoceros-significant symbol of Lord Shreyansnath. श्रेयांसनाथ भगवान् का चिह्न ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतपूर्व नय – Bhutapurva Naya. A standpoint related to the past events. अतीत कालीन पर्यायों की अपेक्षा कथन करने वाला नय “
दिव्यभूमि The assembly land of Lord Arihant. स्वाभाविक भूमि से एक हाथ ऊंची समवसरण की भूमि , इसके एक हाथ ऊपर कल्पभूमि होती है। हरिवंशपुराण के आधार से यह व्यवस्था मानी है तथा तिलोयपण्णत्ति में एक हाथ ऊपर से एक- एक हाथ ऊंची बीस हजार सीढि़यां मानी है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणोपचार Change of nature with respect to association of different virtues. कार्यविधि , स्नान , गुणों के साहचर्य से आत्मा भी गुणसंज्ञा को प्राप्त होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तव्यसन चारित्र – Saptavyasana Chaaritra. Name of a book written by Manranglal. पंडि़त मनरंगलाल (ई. 1850-1890) द्वारा रचित भाषा छंदबद्व कथा।
दृष्टिनिर्विष ऋद्धि A type of supernatural power (making one cured by casting a glance of a saint). जिस ऋद्धि के प्रभाव से प्रसन्नचित्त साधु के द्वारा देखने मात्र से रोग व विष से पीडि़त जीव स्वस्थ और निर्विष हो जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजवर द्वीप – सागर – Bhujavara Dvipa Sagara. Name of an island and ocean of middle uni-verse. मध्यलोक में स्थित एक द्वीप व समुद्र का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त ऋषि – Sapta Risi. Group of 7 particular saints, who were real brothers. चारण ऋद्विधारी 7 विषेष मुति-सुरमन्यु, श्रीमन्यु, श्रीनिचय, सर्वसुन्दर, जयवान्, विनयलालस और जयमित्र। उत्तम तप के कारण सातो भाई सप्त ऋषि कहलाये। इनके प्रभाव से मथुरा नगरी मे चमरेन्द्र यक्ष द्वारा प्रसारित महामारी रोग नष्ट हुआ था।