द्रव्य संवर!
द्रव्य संवर Stoppage of karmic influx. संयम – तप आदि के द्वारा कर्मास्रव का निरोध करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य संवर Stoppage of karmic influx. संयम – तप आदि के द्वारा कर्मास्रव का निरोध करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्य – Brahmacarya. Celibacy, a vow. मन, वचन व काय से स्त्री सेवन आदि अब्रह्म का त्याग करना , ५ महाव्रतों में एक व्रत , श्रावक की ७ वीं प्रतिमा, १० लक्षण धर्म का १० वां धर्म; मैथून या कामसेवन का त्याग करना एंव आत्मा में लीन होना ब्रह्मचर्य है “
द्रव्य योग Vibration in soul-points owing to physical activities (related to mind, speech & body). मन वचन काय की क्रिया से जीव के प्रदेशों का चंचल या सकम्प होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य पल्य A time unit related to Jaina philosophy. एक योजन लम्बें, चैड़े तथा गहरे गर्त को तत्काल उत्पन्न भेड़ के बालों (जिनका दूसरा खण्ड न हो सके) से भर कर 100 वर्ष में एक-एक बाल निकाला जाये और जब यह गर्त खाली हो जाये इसमें जितना समय लगता है वह समय ‘पल्य’ कहलाता है।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य केवली – Saamaanya Kevalee. A type omniscient. केवली के 7 भेदो में एक भेद; सामान्य मुनि अवस्था से केवलज्ञान को प्राप्त करने वाले ।
ऋजुसूत्रनय Straight view point (related to present). जो नय केवल वर्तमान काल संबंधी पर्याय को ग्रहण करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य अप्रतिक्रमण Reverential view for the accepted matters in the past. अतीतकाल में जो परद्रव्यों का ग्रहण किया था, उनको वर्तमान में अच्छा जानना , उनका संस्कार रहना, उनके प्रति ममत्व भाव का होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
एकजीव The being (reg. soul), A type of disquisition door (Anuyogdvar). अनुयोगद्वार का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दौलतराम Name of Pandits, who wrote a number of books on Jainism. पंडित 1. पदमपुराण, आदिपुराण , हरिवंशपुराण, आदि की वचनिका के कर्ता, क्रियाकोश, अध्यात्म बारहखड़ी आदि के कर्ता, समय- वि. 1777-1829। 2. छीढाला, पदसंग्रह के कर्ता (समय- वि. 1855-1923)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]