पर्यनुयोज्योपेक्षण निग्रहस्थान!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्यनुयोज्योपेक्षण निग्रहस्थान Not to punish one present in the blamed point. निग्रह स्थान मे प्राप्त हुए का निग्रह न करना।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्यनुयोज्योपेक्षण निग्रहस्थान Not to punish one present in the blamed point. निग्रह स्थान मे प्राप्त हुए का निग्रह न करना।
सोलह कारण भावना विनयसंपन्नता भावना ज्ञानादिषु तद्वत्सु चादर: कषायनिवृत्तिर्वा विनयसंपन्नता।।२।। मोक्षमार्ग के साधन सम्यग्ज्ञान आदि का और उसके साधनभूत गुरु आदिकों का यथायोग्य आदर-सत्कार करना अथवा कषायों को दूर करना यह विनय-संपन्नता है। और भी कहते हैं-‘‘अरिहंत आदि पंच परम गुरुओं की पूजा करने में कुशल, ज्ञान आदिकों में यथायोग्य भक्ति से युक्त, गुरु के…
पर्याप्ति सुदर्शन – गुरुजी! आपने जीवसमास में पर्याप्त-अपर्याप्त बताया है, सो ये क्या है? अध्यापक – हाँ सुनो! जिस प्रकार से घर, घड़ा आदि पदार्थ पूर्ण (पूरे) बने हुए और अपूर्ण (अधूरे) ऐसे दो प्रकार से देखे जाते हैं उसी प्रकार से जीव भी पर्याप्ति नाम कर्म के उदय से पर्याप्त-पूर्ण और अ पर्याप्ति…
क्या है बीस ? ०१. बीस प्ररुपणा — (१) गुणस्थान (२) जीवसमास (३) पर्याप्ति (४) प्राण (५) संज्ञा (६) उपयोग (७) गति (८) इंद्रिय (९) काय (१०) योग (११) वेद (१२) कषाय (१३)ज्ञान (१४) दर्शन (१५) संयम (१६) लेश्या (१७) भव्यत्व (१८) सम्यक्त्व (१९) संज्ञी (२०) आहार। ०२.पुद्गल के बीस गुण — स्पर्श ८— (१)…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्याप्ति काल Time period required for the completion of 6 paryaptis. सभी पर्याप्ति पूर्ण होने मे एक अन्तर्मुहर्त लगता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्वोपवास A time unit, 1 pal=24 seconds. कल का प्रमाण विशेष, 1 पल 24 सेकंड।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्वत गुफा Mountain- caves, hemitage for saints. वसतिका, साधुओ के ठहरने योग्य स्थान।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पपर्वत (नाम) Past time name of the 2nd narayan Dvip-rishth, son of a Brahmin Kshirakadamb. द्वितीय नारायण द्विपृष्ठ के द्वितीय पूर्व भव का नाम क्षीरकदम्ब ब्राह्मण का पुत्र, जिसने अज का अर्थ बकरा बताया एवं अगले भव मे हिंसापूर्ण यज्ञों का प्रचार किया।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्यालोचन Comtemplation, meditation. चिंतन, ध्यान आदि की क्रिया।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्या Rainy seasonal staying of Jaina saints for 4 months. चैमासा करना, वर्षा काल मे एक स्थान पर रहना।