रूद्रकोण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूद्रकोण – ईषान दिषा। Rudrakona-The north-east direction
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूद्र – 88 ग्रहो में एक, तीसरे रूद्र एवं तीसरे नारद का नाम, जिनदीक्षा लेने के उपरान्त संयम भ्रष्ट होकर रौद्र कार्य करने लगते है। ये दसवें विद्यानुवाद पूर्व का अध्ययन करते समय विशयासक्त होकर तप से भ्रष्ट हो जाते है। और नरकगामी होते है।रूद्र 11 होते है। Rudra-name of a planet, Name of…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निपिबद्ध – लिखा हुुआ द्रव्यश्रुत जो 64 अक्षरो एवं पदो के द्वारा लिखा जाता है। Lipibaddha-Something put in writing form
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंगसावरण – स्त्रीयो का लिग सावरण कहा गया है। Limgasavarana-The female ascetics
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंगशुद्धि – कर्मो को निर्मूल करना एवं जिनदेव कथित धर्म पर परमार्थभूत भक्ति प्रेम रखना।ऐसा करने वाले मुनियो में लिग शुद्धि होती है। Limgasuddhi-Absolute purity of the mind of a saint
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग व्यभिचार – स्त्रीलिग के स्थान पर पुल्लिंग का कथन करना और पुल्लिंग के स्थान पर स्त्रीलिेग का कथन करना। Limga Vyabhicara-wrong interpretation of genders (i. e. masculine for feminine or vice versa)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग पाहुड – आचार्य कुन्दकुन्द कृत साधु के द्रव्य व भाव लिंग विशयक 22 गाथा निबद्ध ग्रंथ। Limgapahura-Name of a treatise written by Acharya Kundkund
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिगज श्रुतज्ञान – अनक्षरात्मक श्रुतज्ञान, चिन्ह से उत्पन्न होने वाला श्रुतज्ञान। Limgaja Srutajnana-A kind of symbolic knowledge pertaining to Shrutgyan (scriptural knowledge), Unsyllabic knowledge
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग – चिन्ह, वेद, स्त्री, पुरूश नपुंसक रूप द्रव्यलिग। Limga-Sex-gender
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लालसा – प्रबल इच्छा अभिलाशा, निदान षल्य भोगो की लालसा रखना। Lalasa-Keen, Desire Longing