रस निरपेक्ष आहार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस निरपक्ष आहार – नीरस आहार, रसयुक्त अर्थात स्वादिश्ट भोजन आदि की अभिलाशा न करना। Rasa Nirapeksa (Ahara)-Devoid of the desire of tasty food
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस निरपक्ष आहार – नीरस आहार, रसयुक्त अर्थात स्वादिश्ट भोजन आदि की अभिलाशा न करना। Rasa Nirapeksa (Ahara)-Devoid of the desire of tasty food
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिरोध – अर्हन्त भगवान का ध्यान जिसमे समस्त योगो का विनाष किया जाता है। Yoganirodha-Cessation of activities of mind, speech & body deep engrossment of lord arihant
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसना ज्ञान – जिव्हा इन्द्रियों से होने वाला ज्ञान। Rasana Jnana- Sense of taste, knowledge perceived by tongue
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसना इन्द्रिय – 5 इन्द्रियों में दूसरी इन्द्री जिव्हा। जिसके द्वारा स्वाद का ज्ञान होता है। Rasana Imdriya-Tongue, sensory organ of taste
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसज – दूध आदि रसों में उत्पन्न होते वाले या वीर्य में उत्पन्न होने वाले जीव।जो सेमूच्छन जन्म वाले होते है और नेत्रों से नहीं दिखते है। Rasaja-Invisible micro beings of take birth in liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसगारव – छ रस सहित भोजन मिलने का अभिमान। Rasagarava- pride of having tasty food
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसकर्म – मंत्र – तंत्र आदि के द्वारा रस आदि की सिद्धि करना। Rasakarma- Mystical activity
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिद्रा – संसारी जीव जिसमे जागता है उस दषा में यागी का रात मानकर साना अथवा अल्पकाल मे साधुओ का षरीरश्रम को दून करने के लिए निद्रा लेना। Yoganidra-A kind of meditatory sleep
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस़ऋद्धि – एक ऋद्धि, यह उग्र तपस्या से प्राप्त होती है। Rasa Rddhi- A type of super natural power
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस – रसना इन्द्रिय का विशय यह 6 प्रकार का होता है – दूध, दही, धी, तेल, गुड, षक्कर, नमक। काव्य का एक अंग ये नौ होते है। Rasa-Juice, liquid, sap, A kind of literary sentimental form of poem